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Kannauj News: ट्रेन के आने से पहले खुलती टिकट खिड़की, टंकी बदहाल तो बेंचें भी टूटी

Tue, 22 Apr 2025 12:28 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Apr 2025 12:28 AM IST
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The ticket window opens before the train arrives, the tank is in bad shape and the benches are also broken
कन्नौज। कन्नौज सिटी स्टेशन से आम जनता और व्यापारियों को जितनी अपेक्षा थी, उतनी ही रेलवे ने उपेक्षा की। ट्रेन आने से पहले टिकट खिड़की खुलती है। पानी की टंकी बदहाल है तो बेंचें भी टूटी पड़ी हैं। इससे यह स्टेशन अपनी पहचान खोता जा रहा है।
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मकरंदनगर औद्योगिक क्षेत्र में बने इस स्टेशन पर यात्रियों को सुविधाएं न के बराबर मिल रही हैं। यहां तक कि ट्रेन आने से कुछ देर पहले की टिकट खिड़की खुलती है। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। टिकट भी मुख्य स्टेशन से प्रिंट होकर आते हैं, यहां कोई कंप्यूटर सिस्टम भी नहीं लगा है। कन्नौज सिटी स्टेशन के आसपास करीब 300 से अधिक इत्र कारखाने हैं। कई अगरबत्ती फैक्टिरियां भी हैं। इसके अलावा जिला उद्योग एवं उद्यमिता प्रोत्साहन केंद्र, सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी), लोक निर्माण विभाग का दफ्तर तथा कई कोल्ड स्टोरेज व प्रशिक्षण संस्थान भी बने हैं। इसके बाद भी रेलवे ने इस स्टेशन का विकास नहीं किया, अब केवल यह हॉल्ट स्टेशन बनकर रह गया है। यहां केवल चार जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का ही ठहराव होता है। शहर के व्यापारियों को दिल्ली, मुंबई, आगरा या अन्य किसी बड़े शहर जाना होता है तो यहां से तीन किमी दूर मुख्य स्टेशन सरायमीरा से ट्रेन पकड़नी होती है। व्यापारिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कन्नौज सिटी स्टेशन की उपेक्षा से लोगों में नाराजगी भी है।
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इनसेट---
कभी रुकती थी मरुधर एक्सप्रेस
मकरंदनगर के व्यापारी राजस्थान से इत्र का व्यवसाय करते थे। छोटी लाइन के समय कानपुर से जोधपुर तक जाने वाली मरुधर एक्सप्रेस यहां रुकती थी और उसमें माल भी लोड किया जाता था। बाद में मरुधर एक्सप्रेस को बंद कर दिया गया तो यहां से सुविधाएं भी खत्म हो गईं। आमान परिवर्तन के बाद तो अब केवल नाम के लिए सिटी स्टेशन रह गया है, जबकि मकरंदनगर के सीताराम मिश्रा नंबरदार ने तो ट्रेनों के ठहराव के लिए कई आंदोलन किए थे।
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इनसेट--
टिनशेड में नहीं लगे पंखे
स्टेशन पर एक छोटा सा यात्री टिनशेड बना है, जिसमें एक भी पंखा नहीं है। बैठने के लिए सीमेंटेड बेंच लगी हैं, जो क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। आसपास के लोग बताते हैं कि रात के समय यहां अराजकतत्वों का जमावड़ा लगता है, जिससे रात में मकरंदनगर या आसपास के मोहल्लों में आने वाली महिलाएं कन्नौज स्टेशन पर उतर जातीं है। पानी टंकी भी बनी है, जिसकी सालों से सफाई नहीं कराई गई और न ही क्लोरीनेशन हुआ है। चारों तरफ फैली गंदगी रेलवे की उपेक्षा की कहानी को बयां कर रही है।
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वर्जन
हॉल्ट स्टेशनों पर जब से ठेकेदारी प्रथा शुरू हुई, तब से वह दुर्दशा का शिकार हो गए हैं। ठेकेदारों को केवल टिकट बिक्री के कमीशन से मतलब है। यात्री सुविधाओं से उनका कोई सरोकार नहीं है। इस बारे में रेलवे के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

-राजेश शर्मा, पूर्व सदस्य, जोनल रेलवे परामर्शदात्री समिति
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अमृत भारत स्टेशन के प्रथम चरण में चयनित स्टेशनों का विकास कराया जाएगा। योजना के दूसरे चरण में कन्नौज सिटी स्टेशन पर सभी यात्री सुविधाओं को बहाल कराया जाएगा। जल्द ही स्टेशन का निरीक्षण किया जाएगा।
-संजीव शर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक
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