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Kannauj News: एंटी करप्शन पर लटक रही तलवार, अब कार्रवाई का इंतजार

Thu, 07 Mar 2024 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज Updated Thu, 07 Mar 2024 12:03 AM IST
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The sword is hanging on anti corruption, now waiting for action
कन्नौज। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद विवाद में घिरी एंटी करप्शन यूनिट पर कार्रवाई की तलवार लटकती दिख रही है। दो दिनों की जांच के बाद जो साक्ष्य मिले हैं, इससे 29 फरवरी की घटना में शामिल टीम की भूमिका संदिग्ध लग रही है। जांच सही दिशा में रही और अपनों को बचाने की कोशिश नहीं हुई तो तय है कि कईयों पर गाज गिरेगी।
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बीएसए कार्यालय के बाबू विमल पांडेय को शिक्षक अनुराग सिंह से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने का दावा करने वाली एंटी करप्शन यूनिट टीम सीसीटीवी का फुटेज सामने आने के बाद पूरी तरह बैकफुट पर है। वायरल वीडियो के आधार पर टीम की संदिग्ध भूमिका की जांच हो रही है। लखनऊ से यहां लगातर दो दिनों तक यहां आकर एंटी करप्शन यूनिट की एएसपी इंदु प्रभा सिंह प्रकरण से जुड़ी जांच कर चुकी हैं। कर्मचारियों से बात कर चुकी हैं।
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सीसीटीवी की सभी फुटेज को देखकर जरूरी साक्ष्य भी ले जा चुकी हैं। अब बारी कार्रवाई की है। इस पर सभी की निगाह लगी हुई है। समझा जा रहा है कि जांच टीम अब उस टीम के सदस्यों से जानकारी जुटा रही है, जो 29 फरवरी को बीएसए कार्यालय में हुई कार्रवाई में शामिल रही थी। बीएसए उपासना रानी वर्मा का कहना है कि 29 फरवरी को हुई कार्रवाई पूरी तरह से गलत थी। उनके कार्यालय से सुबूत को हटाने की कोशिश भी इसी साजिश का हिस्सा है। कहा कि उन्होंने पूरे प्रकरण से विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को साक्ष्य सहित अवगत करा रखा है।
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इनसेट



29 फरवरी के बाद से स्कूल गायब है शिकायत करने वाला शिक्षक



जिस सहायक अध्यापक अनुराग सिंह की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की है, वह 29 फरवरी से अपने स्कूल नहीं जा रहा है। कानपुर के बर्रा निवासी शिक्षक की यहां गुगरापुर ब्लॉक के गौरी बांगर में तैनाती है। 29 फरवरी को वह सीएल के तहत अवकाश पर था। उसके बाद से वह मेडिकल अवकाश पर है। मंगलवार को बीएसए कार्यालय में एंटी करप्शन यूनिट की एएसपी की जांच के दौरान उसे भी बुलाया गया, लेकिन बताया गया कि उसने अवकाश पर होने और किसी धार्मिक यात्रा पर जाने की बताई। विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक अध्यापक ने छह मार्च तक मेडिकल अवकाश का आवेदन कर रखा है।

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जांच टीम के सामने नहीं आया लिपिक के साथ बैठा कर्मचारी



29 फरवरी को हुई कार्रवाई के दौरान लिपिक विमल पांडेय के साथ उनके कक्ष में मौजूद कर्मचारी यश यादव इस पूरे मामले का चश्मदीद है। वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि वह उस दौरान पास ही की कुर्सी पर मौजूद था। उसी के सामने बाबू पर रुपये फेकने और उसके साथ मारपीट की घटना हुई। मंगलवार को एएसपी की जांच के दौरान वह नहीं आया। माना जा रहा है कि इस पूरे मामले में उसका बयान काफी अहम साबित हो सकता है।
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