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Kannauj News: ग्राम सचिवालय के फर्श पर बैठकर छात्रों ने दी परीक्षा
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फोटो :45: विद्यालय में जल निकासी के इंतजाम का निरीक्षण करते बीडीओ दीपांकर आर्य। संवाद
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छिबरामऊ। मूसलाधार बारिश के चलते अकबरपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय परिसर तालाब में तब्दील हो गया। स्कूल में जलभराव के कारण पठन-पाठन ठप होने की नौबत आई तो आनन-फानन में ग्राम सचिवालय में कक्षाएं लगाई गईं। यहां पूर्व निर्धारित सत्र परीक्षा तो कराई गई, लेकिन प्रशासनिक दावों के उलट छात्रों को बैठने के लिए टाट-पट्टी तक मयस्सर नहीं हुई। मासूम बच्चों को ठंडे फर्श पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी।
सोमवार रात हुई तेज बारिश से विद्यालय परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया था। बुधवार को सत्र परीक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों ने स्थानीय प्रशासन की मदद से ग्राम सचिवालय भवन में वैकल्पिक व्यवस्था की। प्रतिकूल हालात के बीच बच्चे पहुंचे और जमीन पर बैठकर ही परीक्षा दी। इसी परिसर में अस्थायी रसोई बनाकर मिड-डे मील तैयार किया गया। सुबह बीडीओ दीपांकर आर्य ने मौके पर पहुंचकर पंपिंग सेट से पानी निकलवाया, लेकिन दोपहर में दोबारा हुई बारिश से हालात फिर जस के तस हो गए। बीईओ आनंद द्विवेदी ने बताया कि बच्चों की परीक्षा न छूटे, इसके लिए ग्राम सचिवालय में अस्थायी कक्षाएं शुरू कराई गई थीं। परिसर से पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट चालू हैं। बच्चों के बैठने के लिए जल्द टाट-पट्टी की व्यवस्था की जा रही है।
अतिक्रमण से बंद हुआ निकास, हाईवे से छह फीट नीचा है स्कूल
बीडीओ दीपांकर आर्य ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर एसडीएम को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। बीडीओ ने रिपोर्ट में कहा है कि विद्यालय परिसर नेशनल हाईवे-34 से लगभग छह फीट नीचा है, जिससे बारिश का पानी हाईवे के मुख्य नाले तक नहीं पहुंच पाता। स्कूल और हाईवे के बीच की करीब नौ फीट जमीन राजस्व विभाग की ओर से किसी व्यक्ति को आवंटित की गई थी, जहां अब निर्माण के लिए नींव भर ली गई है। साथ ही हाईवे से सटकर कुछ पक्के निर्माण भी हो चुके हैं, जिससे जलनिकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। बीडीओ ने एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी से समस्या के स्थायी समाधान के लिए राजस्व टीम गठित कर नजरी नक्शा, निशानदेही और अतिक्रमण हटवाने की मांग की है।
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सोमवार रात हुई तेज बारिश से विद्यालय परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया था। बुधवार को सत्र परीक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों ने स्थानीय प्रशासन की मदद से ग्राम सचिवालय भवन में वैकल्पिक व्यवस्था की। प्रतिकूल हालात के बीच बच्चे पहुंचे और जमीन पर बैठकर ही परीक्षा दी। इसी परिसर में अस्थायी रसोई बनाकर मिड-डे मील तैयार किया गया। सुबह बीडीओ दीपांकर आर्य ने मौके पर पहुंचकर पंपिंग सेट से पानी निकलवाया, लेकिन दोपहर में दोबारा हुई बारिश से हालात फिर जस के तस हो गए। बीईओ आनंद द्विवेदी ने बताया कि बच्चों की परीक्षा न छूटे, इसके लिए ग्राम सचिवालय में अस्थायी कक्षाएं शुरू कराई गई थीं। परिसर से पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट चालू हैं। बच्चों के बैठने के लिए जल्द टाट-पट्टी की व्यवस्था की जा रही है।
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अतिक्रमण से बंद हुआ निकास, हाईवे से छह फीट नीचा है स्कूल
बीडीओ दीपांकर आर्य ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर एसडीएम को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। बीडीओ ने रिपोर्ट में कहा है कि विद्यालय परिसर नेशनल हाईवे-34 से लगभग छह फीट नीचा है, जिससे बारिश का पानी हाईवे के मुख्य नाले तक नहीं पहुंच पाता। स्कूल और हाईवे के बीच की करीब नौ फीट जमीन राजस्व विभाग की ओर से किसी व्यक्ति को आवंटित की गई थी, जहां अब निर्माण के लिए नींव भर ली गई है। साथ ही हाईवे से सटकर कुछ पक्के निर्माण भी हो चुके हैं, जिससे जलनिकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। बीडीओ ने एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी से समस्या के स्थायी समाधान के लिए राजस्व टीम गठित कर नजरी नक्शा, निशानदेही और अतिक्रमण हटवाने की मांग की है।

फोटो :45: विद्यालय में जल निकासी के इंतजाम का निरीक्षण करते बीडीओ दीपांकर आर्य। संवाद
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