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Kannauj News: तालग्राम ब्लॉक में बनेंगी सात बहुउद्देशीय सहकारी समितियां
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तालग्राम। सहकारिता विभाग ने अहम पहल की है। ब्लॉक तालग्राम में सात बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए चार समितियों का शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। रजिस्ट्रेशन के लिए तीन के लिए ग्रामीणों से आनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।
न्याय पंचायत स्तर पर बनने वाली समितियों से किसानों को बीज खाद की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। सहकारिता विभाग के अनुसार तीन ग्राम पंचायत पर एक समिति की स्थापना की जानी है। न्याय पंचायत में छह से कम ग्राम पंचायतें हैं, वहां एक व जहां छह से अधिक है वहां दो और नौ से अधिक ग्राम पंचायतों में तीन बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों की स्थापना की जाएगी।
ब्लॉक तालग्राम में न्याय पंचायत अमोलर, ताहपुर, बमरौली, सरायप्रयाग में ग्रामीणों द्वारा मिले आवेदन के बाद समिति का रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया काफी पहले पूरी की जा चुकी है। डीएम अनुमोदन के बाद समितियों की स्थापना के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति के बाद एक समिति के संचालक के लिए दो लाख रुपये मिलेंगे। इससे एक लाख रुपये किसानों को ऋण और एक लाख रुपये से कार्यालय के संचालन को मिलेंगे। अपर जिला सहकारी अधिकारी मुनीश कुमार गौड़ का कहना है कि सहकारिता को मजबूत करने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर सहकारी समितियों की स्थापना की जानी है। ब्लॉक तालग्राम चार समितियों के रजिस्ट्रेशन के बाद प्रस्ताव शासन को करीब एक माह पहले भेजा जा चुका है। इसके अलावा तीन पंचायतों में रजिस्ट्रेशन के ग्रामीणों आनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।
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समिति की प्रक्रिया
एक समिति के लिए पंचायतों के लोग प्रस्ताव बनाकर रजिस्ट्रेशन के लिए सहकारिता विभाग में आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एआर की तरफ से आवेदनों की जांच के बाद डीआर को भेज कर रजिस्ट्रेशन होगा। डीएम की संस्तुति के साथ सहकारी समिति की स्थापना को शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा, तब मंजूरी मिलेगी।
सहकारी बैंक की भी लेनी होगी सदस्यता
शासन की मंजूरी मिलने के बाद इन स्थापित समितियों को उर्वरक बिक्री लाइसेंस और सहकारी बैंक की भी सदस्यता लेनी होगी। इसके बाद किसान सदस्यों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने ऋण के साथ उर्वरक, बीज आदि उपलब्ध कराया जाएगा।
इन पंचायतों से मांगे गए आवेदन
सहकारिता अधिकारियों के अनुसार पनगवां, तमियामऊ और तेराजाकेट न्याय पंचायतों के ग्रामीण से भी समिति रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन मांगे गए हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद इन पंचायतों में भी बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों के स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी चल रही है। तालग्राम बहुउद्देशीय समिति पर करीब सात हजार किसान सदस्य हैं। इससे यहां अधिक भीड़ भी रहती है। किसानों को समय से बीज खाद के लिए कई कई दिनों परेशान होना पड़ता है। इन समितियों के संचालन से किसानों को बहुत राहत मिलेगी और गांव के नजदीक ही खाद बीज खरीद सकेंगे।
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न्याय पंचायत स्तर पर बनने वाली समितियों से किसानों को बीज खाद की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। सहकारिता विभाग के अनुसार तीन ग्राम पंचायत पर एक समिति की स्थापना की जानी है। न्याय पंचायत में छह से कम ग्राम पंचायतें हैं, वहां एक व जहां छह से अधिक है वहां दो और नौ से अधिक ग्राम पंचायतों में तीन बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों की स्थापना की जाएगी।
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ब्लॉक तालग्राम में न्याय पंचायत अमोलर, ताहपुर, बमरौली, सरायप्रयाग में ग्रामीणों द्वारा मिले आवेदन के बाद समिति का रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया काफी पहले पूरी की जा चुकी है। डीएम अनुमोदन के बाद समितियों की स्थापना के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति के बाद एक समिति के संचालक के लिए दो लाख रुपये मिलेंगे। इससे एक लाख रुपये किसानों को ऋण और एक लाख रुपये से कार्यालय के संचालन को मिलेंगे। अपर जिला सहकारी अधिकारी मुनीश कुमार गौड़ का कहना है कि सहकारिता को मजबूत करने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर सहकारी समितियों की स्थापना की जानी है। ब्लॉक तालग्राम चार समितियों के रजिस्ट्रेशन के बाद प्रस्ताव शासन को करीब एक माह पहले भेजा जा चुका है। इसके अलावा तीन पंचायतों में रजिस्ट्रेशन के ग्रामीणों आनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।
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समिति की प्रक्रिया
एक समिति के लिए पंचायतों के लोग प्रस्ताव बनाकर रजिस्ट्रेशन के लिए सहकारिता विभाग में आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एआर की तरफ से आवेदनों की जांच के बाद डीआर को भेज कर रजिस्ट्रेशन होगा। डीएम की संस्तुति के साथ सहकारी समिति की स्थापना को शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा, तब मंजूरी मिलेगी।
सहकारी बैंक की भी लेनी होगी सदस्यता
शासन की मंजूरी मिलने के बाद इन स्थापित समितियों को उर्वरक बिक्री लाइसेंस और सहकारी बैंक की भी सदस्यता लेनी होगी। इसके बाद किसान सदस्यों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने ऋण के साथ उर्वरक, बीज आदि उपलब्ध कराया जाएगा।
इन पंचायतों से मांगे गए आवेदन
सहकारिता अधिकारियों के अनुसार पनगवां, तमियामऊ और तेराजाकेट न्याय पंचायतों के ग्रामीण से भी समिति रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन मांगे गए हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद इन पंचायतों में भी बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों के स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी चल रही है। तालग्राम बहुउद्देशीय समिति पर करीब सात हजार किसान सदस्य हैं। इससे यहां अधिक भीड़ भी रहती है। किसानों को समय से बीज खाद के लिए कई कई दिनों परेशान होना पड़ता है। इन समितियों के संचालन से किसानों को बहुत राहत मिलेगी और गांव के नजदीक ही खाद बीज खरीद सकेंगे।