{"_id":"6ac930a8d58399ca540cd7d5","slug":"school-bus-transporting-children-without-insurance-for-four-months-kannauj-news-c-214-1-knj1008-157481-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: चार महीने से बिना बीमा बच्चे ढो रही स्कूल बस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: चार महीने से बिना बीमा बच्चे ढो रही स्कूल बस
विज्ञापन
तिर्वा। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने शुक्रवार को सघन चेकिंग अभियान चलाकर वाहनों की जांच की। इस दौरान प्ले स्कूल की बस का बीमा चार महीने पहले समाप्त होने के बावजूद बस द्वारा बच्चों को लाने ले जाने का काम किया जा रहा था। जांच के दौरान खामियां मिलने पर पांच स्कूली वाहनों समेत 15 के चालान किए गए।
यातायात पुलिस ने कस्बे के गांधी चौराहा, इंदरगढ़ तिराहा, खैरनगर रोड सहित विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाया। इस दौरान स्कूली बसों समेत अन्य वाहनों के कागजात की जांच की गई। वाहनों की फिटनेस, बीमा और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस देखे गए। तहसील क्षेत्र में संचालित प्ले स्कूल की बस की जांच में पता चला कि उसका बीमा चार महीने से समाप्त है। इसके बावजूद बस से बच्चों को लाने-ले जाने का काम किया जा रहा था। यह मामला स्कूली बच्चों की सुरक्षा और संबंधित स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है। खास बात तो यह रही कि मौजूदा समय में स्कूल की जिम्मेदारी बीएसए के पास है।
बीएसए संदीप सिंह ने बताया कि इसकी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की है। उन्हें मामले की जानकारी नहीं दी गई है। अभियान के दौरान स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों की भी पड़ताल की गई। बसों में अग्निशमन यंत्र, गैस किट, सीट बेल्ट और प्राथमिक उपचार पेटी (फर्स्ट एड बॉक्स) की उपलब्धता जांची गई। चालक और परिचालक से अग्निशमन यंत्र के संचालन की जानकारी भी ली गई। कमियां मिलने पर कार्रवाई करते हुए पांच स्कूली वाहनाें सहित 15 के चालान किए गए।
विज्ञापन
टीएसआई अरशद अली ने बताया कि स्कूली वाहनों में सवार छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, अग्निशमन यंत्र की समय-समय पर रिफलिंग कराने और पर्याप्त दवाओं के साथ प्राथमिक उपचार पेटी रखने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
यातायात पुलिस ने कस्बे के गांधी चौराहा, इंदरगढ़ तिराहा, खैरनगर रोड सहित विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाया। इस दौरान स्कूली बसों समेत अन्य वाहनों के कागजात की जांच की गई। वाहनों की फिटनेस, बीमा और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस देखे गए। तहसील क्षेत्र में संचालित प्ले स्कूल की बस की जांच में पता चला कि उसका बीमा चार महीने से समाप्त है। इसके बावजूद बस से बच्चों को लाने-ले जाने का काम किया जा रहा था। यह मामला स्कूली बच्चों की सुरक्षा और संबंधित स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है। खास बात तो यह रही कि मौजूदा समय में स्कूल की जिम्मेदारी बीएसए के पास है।
विज्ञापन
बीएसए संदीप सिंह ने बताया कि इसकी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की है। उन्हें मामले की जानकारी नहीं दी गई है। अभियान के दौरान स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों की भी पड़ताल की गई। बसों में अग्निशमन यंत्र, गैस किट, सीट बेल्ट और प्राथमिक उपचार पेटी (फर्स्ट एड बॉक्स) की उपलब्धता जांची गई। चालक और परिचालक से अग्निशमन यंत्र के संचालन की जानकारी भी ली गई। कमियां मिलने पर कार्रवाई करते हुए पांच स्कूली वाहनाें सहित 15 के चालान किए गए।
विज्ञापन
टीएसआई अरशद अली ने बताया कि स्कूली वाहनों में सवार छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, अग्निशमन यंत्र की समय-समय पर रिफलिंग कराने और पर्याप्त दवाओं के साथ प्राथमिक उपचार पेटी रखने के निर्देश दिए।