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Kannauj News: जर्जर स्कूल में अभिभावकों ने बच्चों को भेजने से किया मना, जताया विरोध

Sat, 30 Aug 2025 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज Updated Sat, 30 Aug 2025 12:26 AM IST
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Parents refused to send their children to the dilapidated school and protested
फोटो :18: स्कूल में विरोध जताते छात्र और अभिभावक। संवाद
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-लाख गांव के कंपोजिट विद्यालय की स्थिति बदहाल

संवाद न्यूज एजेंसी



इंदरगढ़। उमर्दा विकास खंड के लाख गांव स्थित पूर्व उच्च माध्यमिक विद्यालय (कंपोजिट) की जर्जर हालत ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। विद्यालय की टपकती छत के नीचे छात्रों को बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। शुक्रवार को विद्यालय में छात्रों और ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए मरम्मत कराने की मांग की। अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से मना किया है।


पूर्व उच्च माध्यमिक विद्यालय (कंपोजिट) के छात्रों ने बताया कि जब बारिश होती है तो पढ़ाई करना बेहद मुश्किल हो जाता है। दीवारों में दरारें पड़ी हैं, हर कमरे की छत से पानी टपकता है। कई बार भीगने की वजह से किताबें और कॉपियां खराब हो जाती हैं। वहीं, बरसाती मौसम में विद्यालय परिसर में कीचड़ और गंदगी फैल जाती है, जिससे संक्रमण फैलने का भी खतरा बना रहता है। शुक्रवार को छात्रों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर शिक्षा विभाग का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बच्चों को सुरक्षित और बेहतर माहौल नहीं मिला तो उनका भविष्य अंधकार में डूब जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि जल्द से जल्द नए भवन का निर्माण कर छात्रों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण प्रदान किया जाए, ताकि शिक्षा ग्रहण करने की राह में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके। प्रदर्शन में ग्रामीण प्रशांत सिंह, मलखान सिंह राजपूत, गोपाल राजपूत, रघुराज सिंह, समीर खान, प्रवीण कुमार, शानू सिंह, जयेश शंखवार, छोटे शंखवार, शाहरुख खान और मुकेश कुमार समेत छात्र शामिल रहे। बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि जर्जर विद्यालयों में शिक्षण कार्य न करने के आदेश प्रधानाध्यापक को दिए गए हैं, जहां पर जर्जर विद्यालय हैं, वहां पर सरकारी भवनों में कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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