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ठेकेदारी और अफसरशाही के बीच फंसा पैरामेडिकल स्टाफ
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सौ शय्या अस्पताल में चस्पा नोटिस
- फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ(कन्नौज)। नगर के सौ शय्या अस्पताल का पैरामेडिकल स्टॉफ ठेकेदारी और अफसरशाही के बीच में फंस गया है। सेवा प्रदाता कंपनी के टेंडर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों को अस्पताल प्रशासन की ओर से नई सेवा प्रदाता कंपनी से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पुरानी सेवा प्रदाता कंपनी टेंडर का मामला कोर्ट में होने का दावा कर रही है।
नगर के सौ शय्या अस्पताल प्रशासन ने पैरामेडिकल स्टॉफ को नोटिस जारी कर सेवा प्रदाता कंपनी अवनी परिधि प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ का टेंडर तीस सितंबर को समाप्त होने की सूचना दी है। साथ ही नई सेवा प्रदाता कंपनी एसएम इंटरप्राइजेज गाजियाबाद का टेंडर होने के बार में बताया गया। अस्पताल में कार्य करने के इच्छुक स्वास्थ्य कर्मियों को नई कंपनी में पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों ने अवनी परिधि से संपर्क किया तो टेंडर का मामला कोर्ट में होने की जानकारी दी गई। इससे पैरामेडिकल स्टॉफ असमंजस में है। यह तय नहीं कर पा रहे कि वह पुरानी सेवा प्रदाता कंपनी की बात मानें या फिर नई कंपनी में पंजीकरण करवा लें। देर होने की स्थिति में सेवा समाप्ति की तलवार लटक रही है। इससे इनकी परेशानी बढ़ रही है।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि अस्पताल में पैरामेडिकल स्टॉफ की भर्ती के टेंडर संबंधी जानकारी के लिए सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी को बुलाया गया है। उनसे टेंडर से संबंध में जानकारी ली जाएगी। तभी स्थिति साफ हो पाएगी।
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छह माह से पैरामेडिकल स्टॉफ को नहीं मिला मानदेय
सौ शय्या अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि मार्च के बाद से मानदेय नहीं मिला है। अधिकारी एक-दो दिन की बात कहकर टरका देते हैं। मानदेय न मिलने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
15 पद मंजूर, काम कर रहीं 27 स्टॉफ नर्स
सौ शय्या अस्पताल में स्टॉफ नर्स के शासन से 15 पद मंजूर हैं। महिला और पुरुष मिलाकर 27 स्टॉफ नर्स की तैनाती है। अधिकारियों के मुताबिक कोरोना काल में अनुमति लेकर स्टाफ नर्स की भर्ती की गई थी। ऐसे में 12 स्टाफ नर्सों के भविष्य पर संकट है।
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नगर के सौ शय्या अस्पताल प्रशासन ने पैरामेडिकल स्टॉफ को नोटिस जारी कर सेवा प्रदाता कंपनी अवनी परिधि प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ का टेंडर तीस सितंबर को समाप्त होने की सूचना दी है। साथ ही नई सेवा प्रदाता कंपनी एसएम इंटरप्राइजेज गाजियाबाद का टेंडर होने के बार में बताया गया। अस्पताल में कार्य करने के इच्छुक स्वास्थ्य कर्मियों को नई कंपनी में पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों ने अवनी परिधि से संपर्क किया तो टेंडर का मामला कोर्ट में होने की जानकारी दी गई। इससे पैरामेडिकल स्टॉफ असमंजस में है। यह तय नहीं कर पा रहे कि वह पुरानी सेवा प्रदाता कंपनी की बात मानें या फिर नई कंपनी में पंजीकरण करवा लें। देर होने की स्थिति में सेवा समाप्ति की तलवार लटक रही है। इससे इनकी परेशानी बढ़ रही है।
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इस संबंध में सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि अस्पताल में पैरामेडिकल स्टॉफ की भर्ती के टेंडर संबंधी जानकारी के लिए सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी को बुलाया गया है। उनसे टेंडर से संबंध में जानकारी ली जाएगी। तभी स्थिति साफ हो पाएगी।
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छह माह से पैरामेडिकल स्टॉफ को नहीं मिला मानदेय
सौ शय्या अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि मार्च के बाद से मानदेय नहीं मिला है। अधिकारी एक-दो दिन की बात कहकर टरका देते हैं। मानदेय न मिलने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
15 पद मंजूर, काम कर रहीं 27 स्टॉफ नर्स
सौ शय्या अस्पताल में स्टॉफ नर्स के शासन से 15 पद मंजूर हैं। महिला और पुरुष मिलाकर 27 स्टॉफ नर्स की तैनाती है। अधिकारियों के मुताबिक कोरोना काल में अनुमति लेकर स्टाफ नर्स की भर्ती की गई थी। ऐसे में 12 स्टाफ नर्सों के भविष्य पर संकट है।