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Kannauj News: एक सप्ताह में सरसों का तेल पहुंचा 170 से 200 रुपये

Fri, 03 Jul 2026 11:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 11:44 PM IST
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Mustard oil reached Rs 170 to 200 in a week
कन्नौज। त्योहार व सहालग को लेकर सरसों के तेल की कीमतों में लगी आग ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। एक सप्ताह में ही सरसों का तेल 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है। पहले जो तेल 150-170 रुपये किलो मिल रहा था, अब 180-200 रुपये के पार हो गया है। गृहिस्थियों पर इसका सीधा असर पड़ा है। मसाले, रसोई गैस और सब्जियों की महंगाई से पहले ही जूझ रहे परिवारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गुरसहायगंज के कारोबारी गोलू गुप्ता का कहना है कि विदेशों में खाद्य तेलों के दाम बढ़ने और डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से आयात महंगा हुआ है। मंडियों में सरसों की आवक भी कम है। त्योहारी मांग बढ़ने से जमाखोरों ने रेट बढ़ा दिए हैं। मंडी बाजार तिर्वा निवासी किराना कारोबारी राहुल कुमार ने बताया कि सरसो के तेल में महंगाई होने से बाजार में मिलावटी तेल की खपत बढ़ जाएगी। मौजूदा समय में बाजार में खुले सरसों के तेल की मांग बढ़ने लगी है।
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क्या कहती हैं गृहणियां:
फोटो:20: राधा गुप्ता।
पांच की जगह अब तीन किलो से चला रहे काम
तिर्वा: मंडी बाजार निवासी गृहिणी राधा गुप्ता ने कहा महीने में पांच किलो तेल लगता था। अब तीन किलो में काम चलाना पड़ रहा है। पूड़ी-पराठा बनाना कम कर दिया है। बच्चों के टिफिन में भी अब सूखी सब्जी ज्यादा देती हूं। 30 रुपये का फर्क सीधे 150 रुपये महीने का अतिरिक्त बोझ है।
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फोटो:21: नीलम यादव।
सरसों के साथ अन्य तेलों का कर रहे प्रयोग
छिबरामऊ: कस्बे निवासी गृहिणी नीलम यादव ने बताया कि त्योहार पर मेहमान आएंगे तो पकवान तो बनाने ही पड़ेंगे। अब सरसों के तेल की जगह रिफाइंड और मूंगफली तेल मिलाकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे थोड़ी बचत हो रही है। गैस भी महंगी हो गई, ऊपर से तेल के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं।
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फोटो:22: राखी, नसरापुर।
कुकर में सब्जी बनाते हैं
कन्नौज शहर: नसरापुर निवासी गृहिणी राखी ने बताया कि हमने तड़के के लिए तेल की मात्रा आधी कर दी है। कुकर में दाल-सब्जी बनाते हैं तो तेल कम लगता है। नॉन-स्टिक कढ़ाई ले ली है, उसमें एक चम्मच तेल में भी सब्जी बन जाती है। मजबूरी में आदतें बदलनी पड़ रही हैं।
फोटो:23: बीना पाठक
लूज तेल सस्ता पर शुद्धता की गारंटी नहीं
गुरसहायगंज: गृहिणी बीना पाठक ने बताया कि बाजार में लूज तेल सस्ता मिलता है पर शुद्धता की गारंटी नहीं। इसलिए ब्रांडेड ही लेना पड़ता है। अब कोशिश करती हूं कि हफ्ते में दो दिन बिना तले उबला या भाप में पका हुआ खाना बने। सेहत भी ठीक रहेगी और खर्च भी कम होगा।


रसोई का बजट संभालने के आसान उपाय


सिर्फ सरसों पर निर्भर न रहें। रिफाइंड, मूंगफली, सोयाबीन तेल को मिलाकर इस्तेमाल करें। तलने के लिए रिफाइंड और तड़के के लिए सरसों तेल रखें। समोसा, टिक्की, पकोड़े बिना डीप फ्राई किए बनाएं, 80 फीसदी तक तेल की बचत होगी। नॉन-स्टिक बर्तनों का प्रयोग करें। सप्ताह में तीन दिन उबली सब्जी, दाल, खिचड़ी, इडली, ढोकला बनाएं। कीमतें रोज बदल रही हैं। जरूरत के हिसाब से ही तेल खरीदें। थोड़ी सी प्लानिंग हर महीने 400-500 रुपये की बचत करा सकती है।

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