फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   health, kannauj news

जांच करने सीएचसी नहीं पहुंचे एसीएमओ

Mon, 10 Feb 2020 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2020 11:45 PM IST
विज्ञापन
health, kannauj news
वार्ड में दंपति से वार्ता करती बाल संरक्षण इकाई की सदस्य रुबी पाल व अन्य। - फोटो : KANNAUJ
तालग्राम। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश के बाद भी गैर कानूनी तरीके से बच्ची को गोद देने के मामले में एसीएमओ सोमवार को जांच करने सीएचसी तालग्राम नहीं पहुंचे। एमओआईसी ने स्टाफ नर्स से महिला के प्रसव का रिकार्ड तलब किया तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। जच्चा को 102 एंबुलेंस से उसके घर भेजा गया।
विज्ञापन

एसीएमओ डा. केसी राय को बच्ची के मामले में जांच करने सोमवार को तालग्राम सीएचसी पहुंचना था पर कर्मचारी पूरे दिन इंतजार करते रहे वह नहीं पहुंचे। एमओआईसी डा. उमेश चंद्र वर्मा का कहना कि स्टाफ नर्स से पूछताछ की तो पता चला कि बुधवार की सुबह 5:33 बजे पर बच्ची का जन्म हुआ। इसके बाद जच्चा-बच्चा को रेफर कर दिया गया। बच्चा छोड़कर जच्चा एंबुलेंस से चली गई। 102 एंबुलेंस के ईएमटी से जानकारी में आया। एमओआईसी ने स्टाफ को फटकार भी लगाई कि सुबह बच्ची का जन्म हुआ और उसी दिन 2:17 बजे अस्पताल से डिस्चार्ज करने की स्लिप मिली। महिला को उसके घर तक भेजा था। स्टाफ की मिलीभगत से गैर कानूनी तरीके से गोद दिया गया। डाक्टर उमेश चंद्र वर्मा का कहना कि मामला बेहद गंभीर है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन

नवजात बच्ची में संक्रमण की आशंका पर उसका ब्लड सैंपल जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच के लिए भेजा गया था। सोमवार को जांच रिपोर्ट आने पर उसमें किसी तरह का संक्रमण नहीं मिला। बाल रोग विशेषज्ञ डा. सुरेश यादव ने बताया कि पैथोलॉजी की जांच रिपोर्ट में किसी तरह का संक्रमण नहीं मिला। बच्ची केवल कम दिनों व कम वजन की है। स्वास्थ्य उसका सामान्य है। उधर बाल संरक्षण इकाई टीम की सदस्य रुबी पाल ने एसएनसीयू वार्ड में पहुंचकर बच्ची के माता-पिता से मुलाकात की। इस दौरान बताया कि सरकार की ओर से तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका उनको लाभ मिलेगा। पिता ने कहा कि अब वह बच्ची की बेहतर ढंग से परवरिश करेंगे। कहा कि उनसे गलती हो गई थी। आगे ऐसा नहीं होगा। बाल संरक्षण टीम को एक पत्र लिखकर दिया, जिसमें कहा कि वह बच्ची की परविश करेंगे। बच्ची को घर ले जाने की अनुमति प्रदान की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed