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Kannauj News: कम लागत में ड्रैगन फ्रूट की खेती से अच्छा मुनाफा
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ठठिया। तिर्वा विकास खंड के ग्राम पट्टी में किसान परंपरागत खेती के साथ नई फसलों की ओर भी रुख कर रहे हैं। गांव के किसान मोनू ने दो वर्ष पहले तीन बीघा खेत में ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की थी। कम लागत और बेहतर बाजार भाव मिलने से अब यह खेती उनके लिए मुनाफे का जरिया बनती जा रही है। स्वाद में बेहतर होने के कारण बाजार में इसकी मांग अच्छी रहती है और फसल खेत से ही बिक जाती है।
किसान मोनू ने बताया कि तीन बीघा खेत में 1200 पौधे लगाए गए हैं। एक खंभे पर चार पौधे लगाए जाते हैं। इस खेती में सिंचाई की जरूरत भी अपेक्षाकृत कम पड़ती है। दो माह में एक बार सिंचाई करने से फसल तैयार होती रहती है। उन्होंने बताया कि अभी खेती की शुरुआत है और लगातार दूसरी बार कटिंग का काम चल रहा है।
किसान के अनुसार अब तक ड्रैगन फ्रूट की खेती में दो लाख रुपये की लागत आ चुकी है, जबकि 30 हजार रुपये की फसल की बिक्री हो चुकी है। बाजार में देशी ड्रैगन फ्रूट 400 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। किसान का कहना है कि फसल का उत्पादन करीब छह महीने तक चलता है और एक बीघा से सालाना लगभग 70 हजार रुपये तक मुनाफा होने की उम्मीद है।
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फल बेचने के लिए नहीं जाना पड़ता बाजार
किसान ने बताया कि फल को बेचने के लिए उन्हें बाजार ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती। व्यापारी और ग्राहक खेत पर पहुंचकर ही फसल खरीद ले जाते हैं। इससे ढुलाई का खर्च और फसल खराब होने का जोखिम भी कम हो जाता है। किसान का कहना है कि ड्रैगन फ्रूट की खेती के साथ खेत में दूसरी फसलें भी उगाई जा सकती हैं। इससे किसानों को एक ही खेत से अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलता है। देशी किस्म के स्वाद और बेहतर भाव को देखते हुए क्षेत्र के अन्य किसान भी इस खेती के प्रति रुचि दिखा रहे हैं। यदि किसानों को खेती की सही जानकारी और बाजार उपलब्ध हो तो ड्रैगन फ्रूट जैसी फसल ग्रामीण क्षेत्र में अच्छी आय का साधन बन सकती है।
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किसान मोनू ने बताया कि तीन बीघा खेत में 1200 पौधे लगाए गए हैं। एक खंभे पर चार पौधे लगाए जाते हैं। इस खेती में सिंचाई की जरूरत भी अपेक्षाकृत कम पड़ती है। दो माह में एक बार सिंचाई करने से फसल तैयार होती रहती है। उन्होंने बताया कि अभी खेती की शुरुआत है और लगातार दूसरी बार कटिंग का काम चल रहा है।
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किसान के अनुसार अब तक ड्रैगन फ्रूट की खेती में दो लाख रुपये की लागत आ चुकी है, जबकि 30 हजार रुपये की फसल की बिक्री हो चुकी है। बाजार में देशी ड्रैगन फ्रूट 400 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। किसान का कहना है कि फसल का उत्पादन करीब छह महीने तक चलता है और एक बीघा से सालाना लगभग 70 हजार रुपये तक मुनाफा होने की उम्मीद है।
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फल बेचने के लिए नहीं जाना पड़ता बाजार
किसान ने बताया कि फल को बेचने के लिए उन्हें बाजार ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती। व्यापारी और ग्राहक खेत पर पहुंचकर ही फसल खरीद ले जाते हैं। इससे ढुलाई का खर्च और फसल खराब होने का जोखिम भी कम हो जाता है। किसान का कहना है कि ड्रैगन फ्रूट की खेती के साथ खेत में दूसरी फसलें भी उगाई जा सकती हैं। इससे किसानों को एक ही खेत से अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलता है। देशी किस्म के स्वाद और बेहतर भाव को देखते हुए क्षेत्र के अन्य किसान भी इस खेती के प्रति रुचि दिखा रहे हैं। यदि किसानों को खेती की सही जानकारी और बाजार उपलब्ध हो तो ड्रैगन फ्रूट जैसी फसल ग्रामीण क्षेत्र में अच्छी आय का साधन बन सकती है।