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Kannauj News: गंगा का जलस्तर घटा, दुश्वारियां बढ़ीं

Thu, 11 Sep 2025 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Sep 2025 12:36 AM IST
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Ganga's water level decreased, difficulties increased
कन्नौज। गंगा का जलस्तर 24 घंटों से लगातार कम हो रहा है। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। गंगा के साथ काली नदी भी उफान पर हैं। इस कारण अलियापुर, जुकइया, कटरी दरियापुर पट्टी समेत 70 गांव जलमग्न हैं। ग्रामीण जान बचाने के लिए सड़कों पर डेरा डाले हैं। उधर, गंगा का जलस्तर घटने से दुश्वारियां बढ़ने लगी हैं। लोग अब रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जूझ रहे है।
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तहसीलदार अभिनव वर्मा ने बताया कि गंगा जलस्तर घटने लग गया। गंगा का जलस्तर चार सेमी बढ़कर 126.010 मीटर हो गया। अब गंगा खतरे के निशान से चार सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं जबकि हाईएस्ट फ्लड लेबिल 126.780 मीटर है। यदि इस लेबिल पर जलस्तर पहुंचा तो कई गांव पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि नरौरा बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज से दिन में 99,613 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ऐसे में कटरी क्षेत्र के बाशिंदों की मुश्किलें लगातार बढ़ रहीं हैं। खेतों में हो रहे पानी के तेज बहाव से ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गईं हैं। फसलें नष्ट होने से किसान परेशान हैं। ग्रामीण घरों से निकलकर सड़कों पर डेरा डाले हुए हैं।
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अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह का कहना है कि गंगा का जलस्तर रात से घटने लगा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लेखपालों को भेजा गया है और नुकसान का आंकलन कराया जाएगा। बाढ़ पीड़ितों को शासन के नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। सभी पीड़ितों को बाढ़ राहत सामग्री का वितरण कराया जाएगा।
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काली व पांडु नदी ने बर्बाद कर दी हजारों बीघा फसल
गंगा के साथ ही काली नदी व पांडु नदी भी उफान पर है। गुगरापुर क्षेत्र में तो काली नदी में आई बाढ़ से कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। हजारों बीघा धान की फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि यदि पानी लगातार भरा रहा तो धान के पौधे सड़कर नष्ट हो जाएंगे। इस समय धान में बाली निकल रही है। कटरी इलाके में हजारों बीघा सब्जी की फसल भी तबाह हो गई है। इससे सब्जी भी महंगी हो गई है। पांडु नदी के तेज प्रवाह से हसेरन व ठठिया इलाके में मक्का, प्याज व धान की फसलें डूब गईं हैं। किसानों ने जिला प्रशासन से नष्ट फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
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