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खाद संकट : गोदाम खाली तो कहीं जबरन थमाया जा रहा झोला
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कन्नौज। धान की रोपाई निपटने के बाद अब जिले का किसान आलू की अगेती गड़ाई की तैयारी में जुट गया है लेकिन फसलों को पोषक तत्व देने वाली खाद के लिए उसे दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। एक तरफ जिला प्रशासन जिले में पर्याप्त उर्वरक होने का दम भर रहा है तो दूसरी तरफ धरातल पर तस्वीरें कुछ और ही बयां कर रही हैं। कहीं समितियों पर तालों में सन्नाटा पसरा है, तो कहीं स्टॉक बोर्ड पर निल को बोर्ड टंगा हुआ है। मजबूरी में किसानों को निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है, जहां न सिर्फ ओवररेटिंग का खेल चल रहा है, बल्कि शासन के सख्त आदेशों को ताक पर रखकर जबरन टैगिंग (अन्य उत्पाद थमाना) भी की जा रही है।
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निजी दुकानों पर नियम-कायदे हवा, ओवररेटिंग और टैगिंग की मार
शासन ने खाद के साथ किसी भी अन्य उत्पाद की टैगिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद निजी विक्रेता किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। डीएपी और यूरिया की बोरी के साथ किसानों को जबरन मोनोजिंक का झोला थमाया जा रहा है। हद तो यह है कि खाद तय एमआरपी से ऊंचे दामों पर बेची जा रही है जबकि सरकारी रजिस्टर और रसीदों में सिर्फ एमआरपी ही दर्ज की जा रही है। कई प्राइवेट दुकानदार तो खाद लेने वाले किसान का नाम तो आधार कार्ड के अनुसार सही लिख देते हैं लेकिन उसमें मोबाइल नंबर जानबूझकर गलत लिख देते हैं। ताकि कोई अधिकारी फोन कर क्रॉस चेक न कर सके।
समितियों का आंखों देखा हाल
दृश्य : एक
फतेहपुर जसोदा : जलभराव और किल्लत की दोहरी मार
समिति पर डीएपी और एनपीके का स्टॉक पूरी तरह खत्म (निल) मिला। हालांकि, बुधवार को 700 बोरी यूरिया लेकर पहुंचा एक ट्रक अनलोड होता दिखा। सचिव प्रमोद सिंह ने बताया कि डीएपी व एनपीके की नई खेप जल्द उपलब्ध हो जाएगी। वहीं, समिति परिसर में जलभराव होने के कारण खाद लेने पहुंचे किसानों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
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दृश्य : दो
खड़िनी : व्हाट्सएप ग्रुप से सूचना, सन्नाटे में सिमटी समिति
बी-पैक्स समिति परिसर में कोई किसान नजर नहीं आया। सचिव अनुज प्रताप सिंह ने किल्लत के दावों को खारिज करते हुए बताया कि आठ अगस्त को 700 बोरी यूरिया आई थी। इसे 11 अगस्त तक 187 किसानों में बांट दिया गया। उन्होंने बताया कि किसानों का समय बचाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिस पर खाद आते ही वितरण की सूचना दे दी जाती है।
दृश्य : तीन
प्रेमपुर : शाम तक यूरिया आने की आस
प्रेमपुर केंद्र पर यूरिया की उपलब्धता को लेकर सचिव ब्रजेश यादव ने बताया कि भुगतान के लिए आरटीजीएस की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बुधवार शाम तक यूरिया का ट्रक केंद्र पर पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद शासन के तय मानकों के अनुसार पारदर्शी तरीके से वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
वर्जन
सहकारी समितियों पर खाद की कोई कमी नहीं है। जरूरत के मुताबिक हर समिति को खाद उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतिदिन खाद वितरण एवं स्टॉक की समीक्षा की जा रही है। आलू के सीजन में भी खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
-उदय शंकर, उपायुक्त सहकारिता
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शासन से टैगिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। यदि कोई दुकानदार ओवररेटिंग या टैगिंग करता है तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। जिले में प्रतिदिन प्राइवेट दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है और कार्रवाई भी की जा रही है।
-संतलाल गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी
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निजी दुकानों पर नियम-कायदे हवा, ओवररेटिंग और टैगिंग की मार
शासन ने खाद के साथ किसी भी अन्य उत्पाद की टैगिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद निजी विक्रेता किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। डीएपी और यूरिया की बोरी के साथ किसानों को जबरन मोनोजिंक का झोला थमाया जा रहा है। हद तो यह है कि खाद तय एमआरपी से ऊंचे दामों पर बेची जा रही है जबकि सरकारी रजिस्टर और रसीदों में सिर्फ एमआरपी ही दर्ज की जा रही है। कई प्राइवेट दुकानदार तो खाद लेने वाले किसान का नाम तो आधार कार्ड के अनुसार सही लिख देते हैं लेकिन उसमें मोबाइल नंबर जानबूझकर गलत लिख देते हैं। ताकि कोई अधिकारी फोन कर क्रॉस चेक न कर सके।
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समितियों का आंखों देखा हाल
दृश्य : एक
फतेहपुर जसोदा : जलभराव और किल्लत की दोहरी मार
समिति पर डीएपी और एनपीके का स्टॉक पूरी तरह खत्म (निल) मिला। हालांकि, बुधवार को 700 बोरी यूरिया लेकर पहुंचा एक ट्रक अनलोड होता दिखा। सचिव प्रमोद सिंह ने बताया कि डीएपी व एनपीके की नई खेप जल्द उपलब्ध हो जाएगी। वहीं, समिति परिसर में जलभराव होने के कारण खाद लेने पहुंचे किसानों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
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दृश्य : दो
खड़िनी : व्हाट्सएप ग्रुप से सूचना, सन्नाटे में सिमटी समिति
बी-पैक्स समिति परिसर में कोई किसान नजर नहीं आया। सचिव अनुज प्रताप सिंह ने किल्लत के दावों को खारिज करते हुए बताया कि आठ अगस्त को 700 बोरी यूरिया आई थी। इसे 11 अगस्त तक 187 किसानों में बांट दिया गया। उन्होंने बताया कि किसानों का समय बचाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिस पर खाद आते ही वितरण की सूचना दे दी जाती है।
दृश्य : तीन
प्रेमपुर : शाम तक यूरिया आने की आस
प्रेमपुर केंद्र पर यूरिया की उपलब्धता को लेकर सचिव ब्रजेश यादव ने बताया कि भुगतान के लिए आरटीजीएस की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बुधवार शाम तक यूरिया का ट्रक केंद्र पर पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद शासन के तय मानकों के अनुसार पारदर्शी तरीके से वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
वर्जन
सहकारी समितियों पर खाद की कोई कमी नहीं है। जरूरत के मुताबिक हर समिति को खाद उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतिदिन खाद वितरण एवं स्टॉक की समीक्षा की जा रही है। आलू के सीजन में भी खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
-उदय शंकर, उपायुक्त सहकारिता
शासन से टैगिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। यदि कोई दुकानदार ओवररेटिंग या टैगिंग करता है तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। जिले में प्रतिदिन प्राइवेट दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है और कार्रवाई भी की जा रही है।
-संतलाल गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी