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चालाक बेपरवाह : नौ माह में 29000 चालान
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कन्नौज। शहर में यातायात नियमों को लेकर पुलिस जितनी सख्ती बरत रही है, वाहन चालक उतनी ही लापरवाही बरत रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल नौ महीने में चार गुना अधिक चालान हुए हैं। इसके बावजूद वाहन चालकों का रवैया नहीं बदला।
यातायात पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में जनवरी से सितंबर तक 7200 चालान किए गए थे। इस वर्ष जनवरी से सितंबर तक 29000 चालान किए जा चुके हैं। यानी हर महीने औसतन 3200 से अधिक चालान किए गए। इसके बावजूद सड़कों पर हालात जस के तस हैं। शहर के जीटी रोड, सरायमीरा, मकरंदनगर तिराहा, बस स्टैंड व बाजार क्षेत्र में रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। अधिकतर दुपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के फर्राटा भरते नजर आते हैं। कई युवक तो तीन सवारी बैठाकर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं।
वहीं चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट लगाने से गुरेज करते हैं। कार चलाते समय मोबाइल पर बात करना आम हो गया है। यातायात पुलिस ने बताया कि सबसे अधिक चालान बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, गलत दिशा में वाहन चलाने, नो पार्किंग और तेज रफ्तार को लेकर किए गए हैं। इसके अलावा नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।
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यातायात निरीक्षक रविशंकर त्रिपाठी का कहना है कि चालान करना उद्देश्य नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना है। लगातार अभियान चलाकर लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्कूल-कॉलेजों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
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यातायात पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में जनवरी से सितंबर तक 7200 चालान किए गए थे। इस वर्ष जनवरी से सितंबर तक 29000 चालान किए जा चुके हैं। यानी हर महीने औसतन 3200 से अधिक चालान किए गए। इसके बावजूद सड़कों पर हालात जस के तस हैं। शहर के जीटी रोड, सरायमीरा, मकरंदनगर तिराहा, बस स्टैंड व बाजार क्षेत्र में रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। अधिकतर दुपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के फर्राटा भरते नजर आते हैं। कई युवक तो तीन सवारी बैठाकर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं।
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वहीं चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट लगाने से गुरेज करते हैं। कार चलाते समय मोबाइल पर बात करना आम हो गया है। यातायात पुलिस ने बताया कि सबसे अधिक चालान बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, गलत दिशा में वाहन चलाने, नो पार्किंग और तेज रफ्तार को लेकर किए गए हैं। इसके अलावा नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।
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यातायात निरीक्षक रविशंकर त्रिपाठी का कहना है कि चालान करना उद्देश्य नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना है। लगातार अभियान चलाकर लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्कूल-कॉलेजों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।