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सिमरन के साथ अभद्र व्यवहार करता था स्कूल स्टाफ
kannauj
Updated Thu, 14 Sep 2017 12:33 AM IST
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छात्राओं से बात करते सदर एसडीएम डा. अरुण कुमार सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
जलालाबाद। जवाहर नवोदय विद्यालय अनौगी में इंटर की छात्रा द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी करने के मामले में दूसरे दिन बुधवार को एसडीएम सदर जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचे। उन्हाेंनेे मीडिया के साथ बंद कमरे में छात्राओं से बात की। छात्राओं ने रो-रो कर एसडीएम से प्राचार्या व स्टाफ पर अभद्र व्यवहार व अपशब्दों के प्रयोग करने के आरोप लगाए। कहा कि सिमरन के साथ भी स्कूल स्टाफ ने अभद्र व्यवहार किया था। इससे वह काफी क्षुब्ध थी।
मंगलवार को गुरसहायगंज के मोहल्ला रामगंज निवासी जीतेंद्र कुमार दोहरे की 18 वर्षीय पुत्री सिमरन ने मंगलवार को विद्यालय से निकाले जाने व विद्यालय में माता-पिता के अपमान होने से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बुधवार सुबह 11 बजे सदर एसडीएम डा. अरुण कुमार सिंह ने विद्यालय पहुंचकर प्राचार्या सुमन यादव से मामले की जानकारी ली। बाद में उन्हाेंने विद्यालय की 30-40 छात्राओं से मीडिया के साथ बंद कमरे में वार्ता की।
छात्राओं ने बताया कि विद्यालय की शिक्षिका को सिमरन के पास एक मोबाइल मिला था। इस पर प्राचार्या व अन्य शिक्षिकाएं सिमरन को प्रताड़ित करने लगे। बाद में प्राचार्या ने एक सितंबर को सिमरन के बीमार होने की बात कहकर घर भेज दिया। तीन दिन बाद छात्रा के माता-पिता उसे लेकर विद्यालय पहुंचे तो स्टाफ ने दोबारा लेने से मना कर दिया, साथ ही उसके माता-पिता को अपमानित किया। माता-पिता के अपमान व इंटर की पढ़ाई प्रभावित होने से परेशान सिमरन ने आत्महत्या कर ली।
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एसडीएम को अपने साथी के जाने का दर्द सुनाते हुए छात्राएं फफक-फफक कर रो पड़ीं। छात्राआें ने एसडीएम से ज्यादा देर बात करने से इंकार कर दिया। छात्राओं को डर है कि विद्यालय परिसर की बातें उन्हाेंने ज्यादा बताई तो उन्हें भी निष्कासित कर दिया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि सिमरन के परिजनों से भी फोन पर बात हुई है। विद्यालय पक्ष को भी सुना गया है। पूरे मामले में बिंदुवार जांच की जा रही है।
प्रतिभाशाली थी छात्रा
मृत छात्रा सिमरन के पिता का कहना है उनकी पुत्री होनहार छात्रा थी। मन लगाकर पढ़ाई करती थी। बताया कि उसकी खेलकूद में भी काफी रुचि थी। उसने कई बार खेलकूद में मेडल जीते थे। इस बार वह इंटर में अच्छी पोजीशन लाने की बात कर रही थी। उन्होने बताया कि विद्यालय का माहौल अच्छा नहीं है। बेटी ने इस बार इस बात का भी जिक्र किया था। लेकिन मैने यह कहकर टाल दिया कि इस बार तो तुम इंटर पास करने के बाद वैसे भी वहां नही पढ़ोगी।
माता-पिता ने प्रिंसिपल पर कार्रवाई को दिया प्रार्थना पत्र
गुरसहायगंज। नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा द्वारा की गई खुदकुशी की घटना का मामला गर्मा गया है। मृतका के माता-पिता ने विद्यालय की प्रधानाचार्या पर पुत्री का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। इसको लेकर उन्होने कोतवाली में एक प्रार्थनापत्र भी दिया है।
कस्बा के मोहल्ला रामगंज निवासी जीतेंद्र दोहरे की पुत्री सिमरन नवोदय विद्यालय में कक्षा 12 की छात्रा थी। पिता के मुताबिक उसकी पुत्री पढ़ाई के साथ अन्य कार्यों में तेज थी। उसके साथ विद्यालय की प्रिंसिपल सुमनलता यादव की पुत्री भी पढ़ती थी। वह पढ़ाई आदि कार्यों में सिमरन से काफी पीछे रहती थी। इसी बात को लेकर प्रिंसिपल सिमरन को पसंद नही करती थी और उसका उत्पीड़न करती रहती थी। पिता ने बताया कि एक सितंबर को प्रिंसिपल ने उसे फोन कर पुत्री को विद्यालय से ले जाने की बात कही। जब कारण पूछा तो पुत्री को स्कूल से निकाल देने की धमकी दी। इससे डरकर वह पुत्री को घर ले आया। इसके बाद से पुत्री काफी तनाव में थी। तीन सितंबर को उसने प्रिंसिपल को पुत्री का पुन: प्रवेश लेने की याचना की लेकिन उसने अनसुना कर दिया। इसके बाद वह तीन बार पुत्री को लेकर विद्यालय गया। प्रिंसिपल ने पुत्री के सामने उसे भी अपमानित किया। यह बात उसकी पुत्री सहन नही कर पाई और उसने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के लिए जितेंद्र ने प्रिंसिपल को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई के लिए गुरसहायगंज एसआई राजा दिनेश सिंह को प्रार्थना पत्र दिया है। कार्यवाहक कोतवाल राजा दिनेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मंगलवार को गुरसहायगंज के मोहल्ला रामगंज निवासी जीतेंद्र कुमार दोहरे की 18 वर्षीय पुत्री सिमरन ने मंगलवार को विद्यालय से निकाले जाने व विद्यालय में माता-पिता के अपमान होने से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बुधवार सुबह 11 बजे सदर एसडीएम डा. अरुण कुमार सिंह ने विद्यालय पहुंचकर प्राचार्या सुमन यादव से मामले की जानकारी ली। बाद में उन्हाेंने विद्यालय की 30-40 छात्राओं से मीडिया के साथ बंद कमरे में वार्ता की।
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छात्राओं ने बताया कि विद्यालय की शिक्षिका को सिमरन के पास एक मोबाइल मिला था। इस पर प्राचार्या व अन्य शिक्षिकाएं सिमरन को प्रताड़ित करने लगे। बाद में प्राचार्या ने एक सितंबर को सिमरन के बीमार होने की बात कहकर घर भेज दिया। तीन दिन बाद छात्रा के माता-पिता उसे लेकर विद्यालय पहुंचे तो स्टाफ ने दोबारा लेने से मना कर दिया, साथ ही उसके माता-पिता को अपमानित किया। माता-पिता के अपमान व इंटर की पढ़ाई प्रभावित होने से परेशान सिमरन ने आत्महत्या कर ली।
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एसडीएम को अपने साथी के जाने का दर्द सुनाते हुए छात्राएं फफक-फफक कर रो पड़ीं। छात्राआें ने एसडीएम से ज्यादा देर बात करने से इंकार कर दिया। छात्राओं को डर है कि विद्यालय परिसर की बातें उन्हाेंने ज्यादा बताई तो उन्हें भी निष्कासित कर दिया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि सिमरन के परिजनों से भी फोन पर बात हुई है। विद्यालय पक्ष को भी सुना गया है। पूरे मामले में बिंदुवार जांच की जा रही है।
प्रतिभाशाली थी छात्रा
मृत छात्रा सिमरन के पिता का कहना है उनकी पुत्री होनहार छात्रा थी। मन लगाकर पढ़ाई करती थी। बताया कि उसकी खेलकूद में भी काफी रुचि थी। उसने कई बार खेलकूद में मेडल जीते थे। इस बार वह इंटर में अच्छी पोजीशन लाने की बात कर रही थी। उन्होने बताया कि विद्यालय का माहौल अच्छा नहीं है। बेटी ने इस बार इस बात का भी जिक्र किया था। लेकिन मैने यह कहकर टाल दिया कि इस बार तो तुम इंटर पास करने के बाद वैसे भी वहां नही पढ़ोगी।
माता-पिता ने प्रिंसिपल पर कार्रवाई को दिया प्रार्थना पत्र
गुरसहायगंज। नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा द्वारा की गई खुदकुशी की घटना का मामला गर्मा गया है। मृतका के माता-पिता ने विद्यालय की प्रधानाचार्या पर पुत्री का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। इसको लेकर उन्होने कोतवाली में एक प्रार्थनापत्र भी दिया है।
कस्बा के मोहल्ला रामगंज निवासी जीतेंद्र दोहरे की पुत्री सिमरन नवोदय विद्यालय में कक्षा 12 की छात्रा थी। पिता के मुताबिक उसकी पुत्री पढ़ाई के साथ अन्य कार्यों में तेज थी। उसके साथ विद्यालय की प्रिंसिपल सुमनलता यादव की पुत्री भी पढ़ती थी। वह पढ़ाई आदि कार्यों में सिमरन से काफी पीछे रहती थी। इसी बात को लेकर प्रिंसिपल सिमरन को पसंद नही करती थी और उसका उत्पीड़न करती रहती थी। पिता ने बताया कि एक सितंबर को प्रिंसिपल ने उसे फोन कर पुत्री को विद्यालय से ले जाने की बात कही। जब कारण पूछा तो पुत्री को स्कूल से निकाल देने की धमकी दी। इससे डरकर वह पुत्री को घर ले आया। इसके बाद से पुत्री काफी तनाव में थी। तीन सितंबर को उसने प्रिंसिपल को पुत्री का पुन: प्रवेश लेने की याचना की लेकिन उसने अनसुना कर दिया। इसके बाद वह तीन बार पुत्री को लेकर विद्यालय गया। प्रिंसिपल ने पुत्री के सामने उसे भी अपमानित किया। यह बात उसकी पुत्री सहन नही कर पाई और उसने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के लिए जितेंद्र ने प्रिंसिपल को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई के लिए गुरसहायगंज एसआई राजा दिनेश सिंह को प्रार्थना पत्र दिया है। कार्यवाहक कोतवाल राजा दिनेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।