{"_id":"6ac299c287e95b0bd2067df7","slug":"communicable-disease-control-campaign-garbage-being-dumped-along-the-roadside-kannauj-news-c-214-1-knj1008-157183-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"संचारी रोग नियंत्रण अभियान : सड़क किनारे फेंका जा रहा कूड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संचारी रोग नियंत्रण अभियान : सड़क किनारे फेंका जा रहा कूड़ा
विज्ञापन
कन्नौज। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में 20 करोड़ की लागत से 688 आरआरसी बनाए गए हैं। ज्यादातार आरआरसी में ताला लगा रहता है और सफाई कर्मी घरों से निकलने वाला कूड़ा सड़क किनारे फेंक रहे हैं। सड़कों से गुजरने वाले राहगीरों को तो परेशानी होती ही है, साथ ही ग्रामीण दुर्गंध से परेशान हैं। संचारी रोग नियंत्रण अभियान में साफ-सफाई पर जोर दिया जा रहा है पर सड़कों के किनारे लगा कूड़े का ढेर अभियान के कागजों तक सीमित होने की गवाही दे रहा है।
गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र कर ई-रिक्शा से सेंटर तक लाकर उसका निस्तारण कर खाद बनाने की योजना थी। इसके लिए शेड निर्माण, कचरा छंटाई मशीनें, बैटरी चालित ई-रिक्शा और कूड़ेदान खरीदने पर भारी-भरकम धनराशि खर्च की गई पर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। पूरे जनपद में ज्यादातर आरआरसी पर ताला लटका रहता है और सड़कों के किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। ऐसे में संक्रामक बीमारियां पैर पसार रही हैं और लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं।
फोटो :22: मनीपुरवा के गांव के पास सडक पर पड़ा कूड़ा। संवाद
मनीपुरवा गांव के पास कूड़े का ढेर
तिर्वा। उमर्दा ब्लॉक के मनीपुरवा के गांव के पास सडक किनारे प्लास्टिक के गिलासों व गंदगी का ढेर है। एक तरफ शासन ने प्लास्टिक सामान की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। वहीं, दूसरी ओर खुलेआम प्लास्टिक गिलासों का उपयोग कर सड़क किनारे फेंका जा रहा है, जो हवा के साथ उड़कर पूरी सड़क पर फैल जाता है।
विज्ञापन
फोटो :23: अमोलर में श्यामा श्याम मंदिर विवाह स्थल के पास एकत्र कूड़ा। संवाद
पंचायत में सफाई कर्मी नहीं आता
अमोलर। कस्बे में श्यामा श्याम मंदिर विवाह स्थल के पास कूड़े का ढेर लगा है। पंचायत में सफाई कर्मी नहीं आता है। निजी सफाई कर्मी बाजार का कूड़ा सड़क किनारे फेंक रहे हैं, प्रतिदिन दो क्विंटल से अधिक कूड़ा निकलता है। सड़न व गंदगी से लोगों को परेशानी हो रही है।
फोटो :24: मलिकपुर स्थित रेलवे फाटक के पास लगा कूड़ा का ढेर। संवाद
तीन से चार क्विंटल कूड़ा प्रतिदिन निकलता
समधन। तीन साल पहले आरआरसी का निर्माण कराया गया। इस पर नौ लाख रुपये खर्च किए गए। तीन साल बाद भी जनता को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में मलिकपुर स्थित रेलवे फाटक सहित कस्बे में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। प्रतिदिन तीन से चार क्विंटल कूड़ा निकलता है।
वर्जन
तीन दिन के अंदर सभी सचिवों व प्रशासकों की बैठक कर सड़क किनारे कूड़ा डालने व आरआरसी बंद रहने के संबंध में जानकारी ली जाएगी। कमी पाए जाने पर संबंधितों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
-जेके गोंड, डीपीआरओ
विज्ञापन
गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र कर ई-रिक्शा से सेंटर तक लाकर उसका निस्तारण कर खाद बनाने की योजना थी। इसके लिए शेड निर्माण, कचरा छंटाई मशीनें, बैटरी चालित ई-रिक्शा और कूड़ेदान खरीदने पर भारी-भरकम धनराशि खर्च की गई पर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। पूरे जनपद में ज्यादातर आरआरसी पर ताला लटका रहता है और सड़कों के किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। ऐसे में संक्रामक बीमारियां पैर पसार रही हैं और लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं।
विज्ञापन
फोटो :22: मनीपुरवा के गांव के पास सडक पर पड़ा कूड़ा। संवाद
मनीपुरवा गांव के पास कूड़े का ढेर
तिर्वा। उमर्दा ब्लॉक के मनीपुरवा के गांव के पास सडक किनारे प्लास्टिक के गिलासों व गंदगी का ढेर है। एक तरफ शासन ने प्लास्टिक सामान की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। वहीं, दूसरी ओर खुलेआम प्लास्टिक गिलासों का उपयोग कर सड़क किनारे फेंका जा रहा है, जो हवा के साथ उड़कर पूरी सड़क पर फैल जाता है।
विज्ञापन
फोटो :23: अमोलर में श्यामा श्याम मंदिर विवाह स्थल के पास एकत्र कूड़ा। संवाद
पंचायत में सफाई कर्मी नहीं आता
अमोलर। कस्बे में श्यामा श्याम मंदिर विवाह स्थल के पास कूड़े का ढेर लगा है। पंचायत में सफाई कर्मी नहीं आता है। निजी सफाई कर्मी बाजार का कूड़ा सड़क किनारे फेंक रहे हैं, प्रतिदिन दो क्विंटल से अधिक कूड़ा निकलता है। सड़न व गंदगी से लोगों को परेशानी हो रही है।
फोटो :24: मलिकपुर स्थित रेलवे फाटक के पास लगा कूड़ा का ढेर। संवाद
तीन से चार क्विंटल कूड़ा प्रतिदिन निकलता
समधन। तीन साल पहले आरआरसी का निर्माण कराया गया। इस पर नौ लाख रुपये खर्च किए गए। तीन साल बाद भी जनता को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में मलिकपुर स्थित रेलवे फाटक सहित कस्बे में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। प्रतिदिन तीन से चार क्विंटल कूड़ा निकलता है।
वर्जन
तीन दिन के अंदर सभी सचिवों व प्रशासकों की बैठक कर सड़क किनारे कूड़ा डालने व आरआरसी बंद रहने के संबंध में जानकारी ली जाएगी। कमी पाए जाने पर संबंधितों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
-जेके गोंड, डीपीआरओ