{"_id":"68c9aff23acb9ad71609b664","slug":"center-should-give-relief-to-serving-teachers-kannauj-news-c-214-1-knj1005-137409-2025-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: केंद्र को सेवारत शिक्षकों को देना चाहिए राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: केंद्र को सेवारत शिक्षकों को देना चाहिए राहत
विज्ञापन
कन्नौज। टीईटी अनिवार्यता को लेकर सेवारत शिक्षकों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
संघ के जिलाध्यक्ष उदय नारायण सिंह यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के खिलाफ दिया कि सभी दो वर्ष में टीईटी उत्तीर्ण करें। यह अमानवीय है और जब टीईटी की उत्पत्ति ही नहीं हुई थी, उस समय शिक्षक बनने के जो मानक थे वह सभी शिक्षकों ने पूरे किए थे। जिला उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने कहा कि पुराने शिक्षकों पर नए नियम थोपना बिल्कुल अनैतिक व तानाशाही है। केंद्र सरकार को इसमें संशोधन करके सेवारत शिक्षकों को राहत देना चाहिए और राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर शिक्षकों के हित में फैसला लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अन्य विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए परीक्षा कराई जानी चाहिए। सिर्फ शिक्षकों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। पदाधिकारी श्रीकृष्ण यादव ने कहा कि राजनैतिक नेताओं के भी काम की प्रतिवर्ष समीक्षा की जाए, यदि काम जनता के अनुरूप न हो तो विधायक व सांसद का पद छोड़े। इस दौरान विजय कटियार, अनूप मिश्रा, उदयभान सिंह, मनोज यादव, आशीष मिश्रा, अजय यादव, राव अभिषेक सिंह, सोनपाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संघ के जिलाध्यक्ष उदय नारायण सिंह यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के खिलाफ दिया कि सभी दो वर्ष में टीईटी उत्तीर्ण करें। यह अमानवीय है और जब टीईटी की उत्पत्ति ही नहीं हुई थी, उस समय शिक्षक बनने के जो मानक थे वह सभी शिक्षकों ने पूरे किए थे। जिला उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने कहा कि पुराने शिक्षकों पर नए नियम थोपना बिल्कुल अनैतिक व तानाशाही है। केंद्र सरकार को इसमें संशोधन करके सेवारत शिक्षकों को राहत देना चाहिए और राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर शिक्षकों के हित में फैसला लेना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अन्य विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए परीक्षा कराई जानी चाहिए। सिर्फ शिक्षकों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। पदाधिकारी श्रीकृष्ण यादव ने कहा कि राजनैतिक नेताओं के भी काम की प्रतिवर्ष समीक्षा की जाए, यदि काम जनता के अनुरूप न हो तो विधायक व सांसद का पद छोड़े। इस दौरान विजय कटियार, अनूप मिश्रा, उदयभान सिंह, मनोज यादव, आशीष मिश्रा, अजय यादव, राव अभिषेक सिंह, सोनपाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन