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Kannauj News: कानपुर जा रही छपरा एक्सप्रेस से टकराया मवेशी, हादसा बचा
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गुरसहायगंज (कन्नौज)। फर्रुखाबाद से कानपुर जा रही छपरा एक्सप्रेस ट्रेन से पटरी पर सामने आया मवेशी टकरा गया। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका तो पटरियों के स्लीपरों में लगे सेफ्टी पिन टूट गए, इससे ट्रेन डिरेल होते बची। बड़ा हादसा होने से बच गया। हादसे के बाद ट्रेन करीब आधा घंटा तक खड़ी रही। हादसे के कारण कानपुर जा रही दूसरी एक्सप्रेस ट्रेनों को भी करीब 10 मिनट तक गुरसहायगंज रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ा।
मंगलवार दोपहर बाद करीब तीन बजे फर्रुखाबाद से कानपुर जाने वाली छपरा एक्सप्रेस ट्रेन गुरसहायगंज से छूटी थी। करीब दो किलोमीटर कानपुर की ओर चलने के बाद ग्राम मिरगांवा और सफीपुर जप्ती के बीच अचानक रेलवे ट्रैक पर मवेशी (भैंस) आ गया। लोको पायलट ने जब तक इमरजेंसी ब्रेक लगाया, तब तक मवेशी इंजन के नीचे आकर कई टुकड़ों में कट गया। तेजगति से जा रही ट्रेन के अचानक रुकने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
इमरजेंसी ब्रेक से पटरी और स्लीपर के बीच में लगे कई सेफ्टी पिन उखड़कर दूर जा गिरे, जिससे ट्रेन रेलवे ट्रैक से उतरने से बच गई। गार्ड की सूचना पर स्टेशन मास्टर रेलवे कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने रेलवे ट्रैक की मरम्मत कर उसे साफ किया। इसके बाद छपरा एक्सप्रेस को कानपुर के लिए रवाना किया जा सका। पटरी की साफ सफाई और मरम्मत के चलते इस ट्रेन को भी रोका गया था। स्टेशन मास्टर मनोज कुमार अवस्थी ने बताया कि लोको पायलट की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा बच गया। ट्रैक किनारे मवेशी चराने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आरपीएफ के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
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मंगलवार दोपहर बाद करीब तीन बजे फर्रुखाबाद से कानपुर जाने वाली छपरा एक्सप्रेस ट्रेन गुरसहायगंज से छूटी थी। करीब दो किलोमीटर कानपुर की ओर चलने के बाद ग्राम मिरगांवा और सफीपुर जप्ती के बीच अचानक रेलवे ट्रैक पर मवेशी (भैंस) आ गया। लोको पायलट ने जब तक इमरजेंसी ब्रेक लगाया, तब तक मवेशी इंजन के नीचे आकर कई टुकड़ों में कट गया। तेजगति से जा रही ट्रेन के अचानक रुकने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
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इमरजेंसी ब्रेक से पटरी और स्लीपर के बीच में लगे कई सेफ्टी पिन उखड़कर दूर जा गिरे, जिससे ट्रेन रेलवे ट्रैक से उतरने से बच गई। गार्ड की सूचना पर स्टेशन मास्टर रेलवे कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने रेलवे ट्रैक की मरम्मत कर उसे साफ किया। इसके बाद छपरा एक्सप्रेस को कानपुर के लिए रवाना किया जा सका। पटरी की साफ सफाई और मरम्मत के चलते इस ट्रेन को भी रोका गया था। स्टेशन मास्टर मनोज कुमार अवस्थी ने बताया कि लोको पायलट की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा बच गया। ट्रैक किनारे मवेशी चराने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आरपीएफ के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
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