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Kannauj News: कार्डियोलॉजी अस्पताल में कैथलैब तैयार, संचालन जल्द
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कन्नौज। राजकीय मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी अस्पताल में कैथलैब के निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। आठ साल से अस्पताल का संचालन कैथलैब न होने के कारण रुका था। जल्द ही इसे हैंडओवर किया जाएगा। इसके बाद अस्पताल के संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन की प्रक्रिया शुरू होगी।
तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में आठ साल पहले 127 करोड़ रुपये की लागत से 125 बेड का कार्डियोलॉजी अस्पताल स्थापित किया गया था। हालांकि, अस्पताल बनने के बाद कार्यदायी संस्था ने इसमें कैथलैब का निर्माण नहीं किया था। कैथलैब के अभाव और आवश्यक पदों के सृजन न होने के कारण अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। इस समस्या को संवाद न्यूज एजेंसी ने प्रमुखता से उठाया था, जिससे मरीजों को होने वाली परेशानी उजागर हुई।
संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के बाद प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने शासन स्तर पर पत्राचार कर कैथलैब निर्माण की मांग की। उनके प्रयासों को सफलता मिली और शासन ने कार्यदायी संस्था को कैथलैब बनाने के निर्देश दिए। इसके परिणामस्वरूप, कैथलैब का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है और इसे मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
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कैथलैब के हैंडओवर होने के उपरांत, कार्डियोलॉजी अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए पद सृजन की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी होने की उम्मीद है। इसके शुरू होने से हृदय रोगियों को इलाज के लिए अन्य जनपदों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। यह कदम जिले में हृदय रोगों के प्रबंधन और उपचार में एक महत्वपूर्ण सुधार साबित होगा।
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तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में आठ साल पहले 127 करोड़ रुपये की लागत से 125 बेड का कार्डियोलॉजी अस्पताल स्थापित किया गया था। हालांकि, अस्पताल बनने के बाद कार्यदायी संस्था ने इसमें कैथलैब का निर्माण नहीं किया था। कैथलैब के अभाव और आवश्यक पदों के सृजन न होने के कारण अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। इस समस्या को संवाद न्यूज एजेंसी ने प्रमुखता से उठाया था, जिससे मरीजों को होने वाली परेशानी उजागर हुई।
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संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के बाद प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने शासन स्तर पर पत्राचार कर कैथलैब निर्माण की मांग की। उनके प्रयासों को सफलता मिली और शासन ने कार्यदायी संस्था को कैथलैब बनाने के निर्देश दिए। इसके परिणामस्वरूप, कैथलैब का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है और इसे मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
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कैथलैब के हैंडओवर होने के उपरांत, कार्डियोलॉजी अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए पद सृजन की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी होने की उम्मीद है। इसके शुरू होने से हृदय रोगियों को इलाज के लिए अन्य जनपदों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। यह कदम जिले में हृदय रोगों के प्रबंधन और उपचार में एक महत्वपूर्ण सुधार साबित होगा।