{"_id":"35-204847","slug":"Kannauj-204847-35","type":"story","status":"publish","title_hn":"सबद कीर्तन ने किया निहाल, छका लंगर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सबद कीर्तन ने किया निहाल, छका लंगर
Kannauj
Updated Fri, 07 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हर्षोल्लास से मनाई गुरुनानक देव की जयंती
अमर उजाला ब्यूरो
छिबरामऊ (कन्नौज)। गुरुद्वारा श्री गुरूसिंह सभा में सिखों के पहले गुरू गुरुनानक देव जी की जयंती पर गुरुवार को सबद कीर्तन, लंगर का आयोजन किया गया। अनुयायियों ने सबद कीर्तन के बाद लंगर छका।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सरदार हरभजन सिंह ने गुरुनानक देव की महिमा का बखान करते हुए कहा कि वह सिखों के पहले गुरू थे। उन्होंने ही सिख धर्म की स्थापना की। साथ ही जात पात व ऊंच नीच का भेदभाव समाप्त किया और एक ईश्वरवाद व मानवता का पाठ पढ़ाया। 70 वर्षों तक लोकहित के लिए काम किया और सर्वशक्ति संपन्न ईश्वर स्वरूप रहे। वह 22 सितंबर 1539 में करतारपुर पाकिस्तान में जोति जोत समाए थे। उन्होंने सबसे बड़ा उपदेश सभी धर्मों के लोगों को दिया कि सत्य तो सबसे ऊंचा है ही लेकिन सच्चा आचरण उससे भी ऊंचा है। गुरुद्वारा श्रीगुरू सिंह सभा के ग्रंथी अरुण सिंह ने भी गुरुवानी के साथ सबद कीर्तन कराया। प्रार्थना सभा व सबद कीर्तन के बाद गुरू का अटूट लंगर भी करवाया गया। इस मौके पर नीलम कौर, प्रीतम कौर, जसवीर कौर, निर्मल कौर, सरिता सिंह, सपना, कोमल, बलजीत कौर, तरविंदर कौर, बबली, निधि, काजल, शिशुपाल सिंह, सतिंदर सिंह, सक्षम सिंह, आदि मौजूद रहे।
तिर्वा प्रतिनिधि के मुताबिक युवा शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सरदार शक्ति सिंह के प्रतिष्ठान पर सिखों के पहले गुरू गुरुनानक देव की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर राजेंद्र सिंह, अमरीक सिंह, जसवीर सिंह, अमन, जसमीत, नन्हें सिंह, चुन्नी, गुड्डी, ज्योति, अमनदीप, लकी व सुंदर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
छिबरामऊ (कन्नौज)। गुरुद्वारा श्री गुरूसिंह सभा में सिखों के पहले गुरू गुरुनानक देव जी की जयंती पर गुरुवार को सबद कीर्तन, लंगर का आयोजन किया गया। अनुयायियों ने सबद कीर्तन के बाद लंगर छका।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सरदार हरभजन सिंह ने गुरुनानक देव की महिमा का बखान करते हुए कहा कि वह सिखों के पहले गुरू थे। उन्होंने ही सिख धर्म की स्थापना की। साथ ही जात पात व ऊंच नीच का भेदभाव समाप्त किया और एक ईश्वरवाद व मानवता का पाठ पढ़ाया। 70 वर्षों तक लोकहित के लिए काम किया और सर्वशक्ति संपन्न ईश्वर स्वरूप रहे। वह 22 सितंबर 1539 में करतारपुर पाकिस्तान में जोति जोत समाए थे। उन्होंने सबसे बड़ा उपदेश सभी धर्मों के लोगों को दिया कि सत्य तो सबसे ऊंचा है ही लेकिन सच्चा आचरण उससे भी ऊंचा है। गुरुद्वारा श्रीगुरू सिंह सभा के ग्रंथी अरुण सिंह ने भी गुरुवानी के साथ सबद कीर्तन कराया। प्रार्थना सभा व सबद कीर्तन के बाद गुरू का अटूट लंगर भी करवाया गया। इस मौके पर नीलम कौर, प्रीतम कौर, जसवीर कौर, निर्मल कौर, सरिता सिंह, सपना, कोमल, बलजीत कौर, तरविंदर कौर, बबली, निधि, काजल, शिशुपाल सिंह, सतिंदर सिंह, सक्षम सिंह, आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
तिर्वा प्रतिनिधि के मुताबिक युवा शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सरदार शक्ति सिंह के प्रतिष्ठान पर सिखों के पहले गुरू गुरुनानक देव की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर राजेंद्र सिंह, अमरीक सिंह, जसवीर सिंह, अमन, जसमीत, नन्हें सिंह, चुन्नी, गुड्डी, ज्योति, अमनदीप, लकी व सुंदर मौजूद रहे।
विज्ञापन