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बेमौसम बारिश से नर्सरी में खड़ी पौध बर्बाद
Kannauj
Updated Fri, 18 Apr 2014 05:32 AM IST
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कन्नौज। मौसम के आए दिन बदलते मिजाज से प्याज उत्पादक किसानों की आंखों में खुशी के नहीं फसल बर्बाद होने से दुख के आंसू छलक रहे हैं। पहले बेमौसम बारिश से नर्सरी में तैयार हो रही पौध बर्बाद हो गई है।
अब बीमारियां रही सही फसल चौपट करने पर आमादा हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है।
गांव रिजगिर निवासी बाबू इदरीसी का कहना है पिछली बार प्याज की फसल अच्छी हुई थी। इससे उत्साहित
होकर उन्होने इस बार बड़े पैमाने पर प्याज की फसल तैयार करने की योजना बनाई थी। उन्होंने 15 हजार रूपये का बीज खरीदकर नर्सरी तैयार की थी। डेढ़ माह पहले हुई बारिश ने पौध को नर्सरी में ही नष्ट कर दिया। इसके कारण उन्हें 9600 रूपये की पौध खरीदकर कुछ खेतों में बुवाई करनी पड़ी। फसल अच्छी न होने से इस बार लागत निकलना भी मुश्किल लग रहा है। ठठिया थाना क्षेत्र के गांव उमगरा निवासी रामसिंह का कहना है इस बार प्याज की फसल में तमाम बीमारियां हो गई हैं। कीटों के प्रकोप से करीब 20 फीसदी पौधे नष्ट हो चुके हैं । दवा के छिड़काव के वावजूद रोगों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इससे उपज में काफी गिरावट हो सकती है। गांव बलही निवासी शिवसिंह का कहना है प्याज की फसल में मेहनत और लागत के बाद भी सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। रोगों के प्रकोप से फसल बर्बाद हो रही है। जल्द इस पर नियंत्रण न हुआ तो लागत भी नहीं निकल पाएगी। गांव के प्रमोद कुमार कुशवाहा का कहना है इस बार प्याज की फसल से काफी उम्मीद थी। लेकिन आए दिन बादल छाने और बूंदाबांदी से फसल को बुवाई के समय नुकसान हुआ। इधर पूर्वी हवा चलने से रोगों का प्रकोप फसल की बाढ़ को प्रभावित कर रहा है। फसल को बचाने के किसानों के प्रयास बेकार साबित हो रहे हैं।
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अब बीमारियां रही सही फसल चौपट करने पर आमादा हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है।
गांव रिजगिर निवासी बाबू इदरीसी का कहना है पिछली बार प्याज की फसल अच्छी हुई थी। इससे उत्साहित
होकर उन्होने इस बार बड़े पैमाने पर प्याज की फसल तैयार करने की योजना बनाई थी। उन्होंने 15 हजार रूपये का बीज खरीदकर नर्सरी तैयार की थी। डेढ़ माह पहले हुई बारिश ने पौध को नर्सरी में ही नष्ट कर दिया। इसके कारण उन्हें 9600 रूपये की पौध खरीदकर कुछ खेतों में बुवाई करनी पड़ी। फसल अच्छी न होने से इस बार लागत निकलना भी मुश्किल लग रहा है। ठठिया थाना क्षेत्र के गांव उमगरा निवासी रामसिंह का कहना है इस बार प्याज की फसल में तमाम बीमारियां हो गई हैं। कीटों के प्रकोप से करीब 20 फीसदी पौधे नष्ट हो चुके हैं । दवा के छिड़काव के वावजूद रोगों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इससे उपज में काफी गिरावट हो सकती है। गांव बलही निवासी शिवसिंह का कहना है प्याज की फसल में मेहनत और लागत के बाद भी सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। रोगों के प्रकोप से फसल बर्बाद हो रही है। जल्द इस पर नियंत्रण न हुआ तो लागत भी नहीं निकल पाएगी। गांव के प्रमोद कुमार कुशवाहा का कहना है इस बार प्याज की फसल से काफी उम्मीद थी। लेकिन आए दिन बादल छाने और बूंदाबांदी से फसल को बुवाई के समय नुकसान हुआ। इधर पूर्वी हवा चलने से रोगों का प्रकोप फसल की बाढ़ को प्रभावित कर रहा है। फसल को बचाने के किसानों के प्रयास बेकार साबित हो रहे हैं।
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