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Jhansi College Rape Case: दारू की खाली बोतलें, सिगरेट के टुकड़ों के ढेर...चीख-चीखकर कह रहे हॉस्टल में होती थीं पार्टियां
Fri, 16 Oct 2020 02:03 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2020 02:03 AM IST
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पॉलीटेक्निक कॉलेज के हॉस्टल के पास पडे़ गुटके और देशी शराब के क्वार्टर।
- फोटो : अमर उजाला
हॉस्टल का कोई कमरा ऐसा नहीं दिखा जिसके बाहर सिगरेट के टुकड़ों का ढेर न हो। झाड़ियों के बीच में शराब की खाली बोतलें पड़ी हैं। बीयर की केन तो जगह-जगह बिखरी पड़ी थीं। हॉस्टल में क्या हो रहा था यह बस कमरों की खिड़कियों के बाहर झांकने भर से पता चल रहा है।
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पुलिस की पड़ताल में भी यह सब सामने आ चुका है लेकिन हैरानी इस बात की है कि पॉलीटेक्निक प्रशासन इससे अनजान बना रहा जबकि सूत्रों का कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के साथ पार्टी करने के लिए बाहरी लोग भी आते थे।
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पॉलीटेक्निक के इस हॉस्टल में 10 कमरे हैं। वैसे तो क्षमता 60 की है लेकिन हकीकत में 150 से भी ज्यादा छात्र यहां हमेशा जमे रहते थे। ऐसा नहीं है कि पॉलीटेक्निक प्रशासन को इसकी खबर न हो, सब जानते थे लेकिन किसी ने टोका-टाकी की ही नहीं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ छात्रों ने बताया कि हॉस्टल में रात को होने वाली पार्टियों की जानकारी कुछ छात्रों ने प्रशासन को दी थी। पुलिस को भी इत्तला की लेकिन पुलिस वाले भी बाहर से ही झांककर लौट जाते थे।
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एक छात्र ने बताया कि होली से पहले भी यहां दारू पार्टी हुई थी। इसका इंतजाम कुछ बाहरी लोगों ने किया था। यह पार्टी पूरी रात चली थी। आसपास तक हल्ला सुनाई दे रहा था लेकिन बगल की पुलिस चौकी बेखबर रही।
कई सियासी लोगों का भी यहां रहता आना-जाना
पॉलीटेक्निक के हॉस्टल में कई सियासी लोगों का भी आना जाना रहता था। लोगों का कहना है कि पार्टियों का झंडा लगी गाड़ियां यहां अक्सर खड़ी रहती थीं। कई बार इन गाड़ियों में बैठकर छात्र यहां से बाहर जाते थे। इनमें केवल झांसी ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के सियासी लोग भी आते थे। पुलिस को भी कई नेताओं के कार्ड और लेटर पैड यहां से मिले हैं। छात्रों के हॉस्टल में नेताओं के खाली लेटर पैड कैसे आए यह भी जांच का विषय है। सीपरी बाजार के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह का कहना है कि हॉस्टल से जो भी मिला है वह जांच में शामिल किया जा रहा है। हर बिंदु पर पड़ताल की जा रही है।
कटने लगीं झाड़ियां, हो रही साफ-सफाई
अमर उजाला ने पॉलीटेक्निक हॉस्टल के आसपास खड़ी झाड़ियों का मुद्दा उठाया था। इस पर प्रशासन की नींद टूट गई है। झाड़ियों को कटवाया जा रहा है। साफ-सफाई हो रही है। हॉस्टल में सुरक्षा के बंदोबस्त किए जा रहे हैं।