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कृषि में तकनीक का उपयोग बढ़ाएगा उत्पादन : डाॅ. रवि
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कृषि में तकनीक का बढ़ता उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा। खेती को आसान और लाभदायक भी बनाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के बढ़ते उपयोग से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहे हैं। यह बात शुक्रवार को आईएआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रवि नारायण साहू ने कही। वह केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय सभागार में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर बोल रहे थे। ‘विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना’ विषय पर उन्होंने कहा कि भविष्य में उन्नत तकनीकों का व्यापक उपयोग होगा। इससे खेती बेहतर और लाभदायक बनेगी। अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि स्पेक्ट्रल इमेजिंग तकनीक से मृदा परीक्षण, फसलों में रोग की पहचान और सटीक पशुधन प्रबंधन संभव है। अधिष्ठाता कृषि डॉ. आरके सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. पीपी जाम्भुलकर ने प्रस्तुत की। इस दौरान डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. श्रीधर पाटिल, डॉ. डेविड सी बास्कर, डॉ. अनुसुइया पंडा, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. विश्वनाथ आदि मौजूद रहे।्
झांसी। कृषि में तकनीक का बढ़ता उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा। खेती को आसान और लाभदायक भी बनाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के बढ़ते उपयोग से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहे हैं। यह बात शुक्रवार को आईएआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रवि नारायण साहू ने कही। वह केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय सभागार में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर बोल रहे थे। ‘विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना’ विषय पर उन्होंने कहा कि भविष्य में उन्नत तकनीकों का व्यापक उपयोग होगा। इससे खेती बेहतर और लाभदायक बनेगी। अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि स्पेक्ट्रल इमेजिंग तकनीक से मृदा परीक्षण, फसलों में रोग की पहचान और सटीक पशुधन प्रबंधन संभव है। अधिष्ठाता कृषि डॉ. आरके सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. पीपी जाम्भुलकर ने प्रस्तुत की। इस दौरान डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. श्रीधर पाटिल, डॉ. डेविड सी बास्कर, डॉ. अनुसुइया पंडा, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. विश्वनाथ आदि मौजूद रहे।्