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यूपी बोर्ड : राजकीय स्कूलों का रिजल्ट गिरा, अब शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने पर जोर

Sat, 17 May 2025 02:20 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 17 May 2025 02:20 AM IST
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UP Board: Results of government schools fell, now emphasis on improving educational quality

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम में राजकीय विद्यालयों के छात्र पिछड़ गए हैं। हाल ये है कि जिले के टॉप 10 मेधावियों में भी सरकारी माध्यमिक स्कूल का कोई विद्यार्थी जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाया। अब डीआईओएस ने सभी राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए कहा है।



24 फरवरी से 12 मार्च तक जनपद के 67 केंद्रों पर यूपी बोर्ड की परीक्षा हुई थी, इसमें 40 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। 25 अप्रैल को यूपी बोर्ड ने रिजल्ट जारी किया था। 10वीं में झांसी के 89.97 फीसदी और 12वीं में 82.89 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए। प्रदेश में झांसी की हाईस्कूल में 42वीं और इंटरमीडिएट में 34वीं रैंक आई है।
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हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के रिजल्ट में जनपद का कोई भी विद्यार्थी प्रदेश स्तर पर स्थान प्राप्त नहीं कर सका है। जनपद स्तर की 34 विद्यार्थियों की टॉप टेन मेरिट सूची में भी जिले के किसी भी राजकीय विद्यालय के विद्यार्थी ने स्थान प्राप्त नहीं किया। इस खबर को अमर उजाला ने भी प्रकाशित किया था। अब अगले साल का रिजल्ट सुधारने की कवायद शुरू हो गई है।
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सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को लिखे पत्र में डीआईओएस रती वर्मा ने कहा कि ये स्थिति बेहद खेदजनक है। शासन/विभाग राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग ने इसके लिए कई तरह की योजनाएं संचालित की है। शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए समय-समय पर दिशा-निर्देश भी दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद जनपद की टॉप 10 मेधावियों की सूची में राजकीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा जगह न बना पाने से स्पष्ट है कि प्रधानाचार्यों की ओर से अपेक्षानुरूप ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


डीआईओएस ने सभी राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को व्यक्तिगत रुचि लेते हुए शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। ताकि, आगामी वर्ष 2025-26 के परीक्षाफल में न सिर्फ जनपद स्तर बल्कि राज्य स्तर की टॉप 10 मेरिट सूची में राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थी स्थान प्राप्त कर सकें।
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