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Jhansi News: भोपाल और नागपुर एम्स ने लौटाया, झांसी में हुआ पीनियल रीजन ट्यूमर का ऑपरेशन

Sat, 10 Oct 2026 03:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2026 03:09 AM IST
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Turned away by AIIMS Bhopal and Nagpur, patient undergoes pineal region tumor surgery in Jhansi.
महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज में पीनियल रीजन टयूमर का ऑपरेशन करते डॉक्टर। स्रोत स्वयं
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को पहली बार दिमाग के पीनियल रीजन ट्यूमर की सर्जरी हुई है। दावा है रोगी की हालात में तेजी से सुधार हो रहा है। सबसे बड़ी बात रोगी को एम्स भोपाल और एम्स नागपुर से निराश होना पड़ा था। ललितपुर के देलवारा निवासी राजेंद्र कुमार (41) के सिर में तेज दर्द, चक्कर आने और नींद नहीं आने आदि की शिकायत थी।
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राजेंद्र ने कई जगह उपचार कराया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। परिचितों के मशविरा पर उसने एम्स नागपुर में दिखाया, जहां जांच कराने पर पीनियल रीजन में ट्यूमर होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने सर्जरी में गंभीर जोखिम के बारे में बताया तो वह लौटकर आ गए। इसके बाद एम्स भोपाल में उपचार के लिए गया, वहां भी गंभीर खतरे की आशंका जताते हुए ऑपरेशन से इन्कार कर दिया गया।
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ढाई घंटे तक चला ऑपरेशन
झांसी मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश राजपूत ने बताया कि राजेंद्र नागपुर और भोपाल एम्स की रिपोर्ट लेकर आया। इस पर उसे भर्ती करके दोबारा जांच कराई गई। शुक्रवार को ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप की मदद से पीनियल रीजन में बने ट्यूमर को निकाला गया। डॉ. राजपूत ने बताया कि ऑपरेशन करीब ढाई घंटे चला। इसकी वजह न सिर्फ पीनियल का दोनों दिमागों के बीच में होना है, बल्कि दिमाग की सभी खून की नलियां भी वहां से गुजरती हैं।
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ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप का इस्तेमाल
पीनियल रीजन मस्तिष्क के गहरे हिस्से में होता है। इस क्षेत्र में ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि आसपास महत्वपूर्ण संरचनाएं और रक्त वाहिकाएं होती हैं। खून की नसें क्षतिग्रस्त न हो, इसलिए ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप का इस्तेमाल किया गया। दावा किया कि रोगी की हालात में तेजी से सुधार हो रहा है। प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि पीनियल रीजन ट्यूमर की मेडिकल कॉलेज ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहली सफल सर्जरी हुई है।


ऑपरेशन टीम में ये रहे शामिल
डॉ. दिनेश राजपूत के नेतृत्व में डॉ. एचपी राय, डॉ. विनीत, डॉ. निखिल और डॉ. हर्ष शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. अशोक मित्तल ने किया।


-यह होती है पीनियल ग्रंथि
दिमाग के दोनों गोलार्धों के बीच और वेंट्रिकल के पीछे पीनियल ग्रंथि होती है। यह चावल के दाने के आकार की होती है। इसे तीसरी आंख भी कहते हैं। यह मेलाटोनिन हार्मोन का स्राव करती है, जो सर्कैडियन रिदम (नींद-जागने का चक्र) कंट्रोल करती है। इसमें असामान्य वृद्धि को पीनियल रीजन ट्यूमर कहते हैं।
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