फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The condition of operation rejuvenation, 1.25 lakh infants are studying sitting on the ground in the cold

Jhansi News: ऑपरेशन कायाकल्प का हाल, ठंड में जमीन पर बैठकर पढ़ रहे सवा लाख नौनिहाल

Fri, 09 Dec 2022 09:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Dec 2022 09:00 AM IST
विज्ञापन
The condition of operation rejuvenation, 1.25 lakh infants are studying sitting on the ground in the cold
झांसी। परिषदीय स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत फर्नीचर मुहैया कराने के दावे हो रहे हैं, लेकिन जिले में 1018 स्कूलों में फर्नीचर नहीं है। ठंड में यहां सवा लाख नौनिहाल जमीन पर बैठकर पढ़ रहे हैं। जिले में 1452 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें से अब तक महज 434 स्कूलों में ही फर्नीचर पहुंच सका है। जबकि 1018 स्कूलों में बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ रहे हैं। नगर क्षेत्र में भी 79 परिषदीय विद्यालयों में से करीब 20 प्रतिशत स्कूलों में ही फर्नीचर है। वो भी किसी संस्था द्वारा दान किया गया है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की पड़ताल में स्कूलों में कई अव्यवस्थाएं सामने आईं। शिक्षकों ने भी बताया कि ठंड में फर्श पर बैठकर पढ़ने से कई बच्चे बीमार हो चुके हैं।
विज्ञापन

एक ही कमरे में बैठकर पढ़ते हैं सारी कक्षा के बच्चे
प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मी गेट बालक नगर क्षेत्र में 59 विद्यार्थी हैं। यहां कक्षा एक से लेकर पांच तक के विद्यार्थी एक ही कमरे में फर्श पर बैठकर पढ़ते हैं। रसोई के लिए एक कमरा है, जिसमें खाना बनता है, उसी में बच्चों को बैठाकर खाना खिलाया जाता है। स्कूल के प्रधानाध्यापक सूरज प्रकाश ने बताया कि विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षक भी नहीं हैं।
विज्ञापन

उखड़ा फर्श, दरी बिछाकर बैठते हैं
प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव गेट बालक नगर क्षेत्र में उखड़े फर्श पर बच्चे दरी बिछाकर पढ़ते हैं। फर्नीचर न होने के चलते बच्चों को जूते-चप्पल भी बाहर उतारने पड़ते हैं। स्कूल में 52 विद्यार्थी पढ़ते हैं। प्रधानाध्यापक मनोज शाक्या ने बताया कि उनके स्कूल में पांच कमरे हैं, जिसमें एक कक्ष आंगनबाड़ी और एक कक्ष में रसोई है। बाकी, तीन कक्ष में विद्यार्थी पढ़ते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जमीन पर बैठकर पढ़ाना मजबूरी
प्राथमिक विद्यालय अलीगोल के दो कमरों में संचालित स्कूल में 76 बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ रहे हैं। एक कक्षा में चौथी और पांचवीं, दूसरी कक्षा में कक्षा 1, 2, 3 के विद्यार्थी फर्श पर बैठकर पढ़ते हैं। सर्दियों में अक्सर बच्चे जमीन पर बैठने के कारण बीमार भी हो जाते हैं। स्कूल के प्रधानाध्यापक अफजल खान ने बताया कि स्कूल के फर्श और छत की मरम्मत कराई जानी है। स्कूल मैदान का समतलीकरण संबंधी कार्य कराने का प्रस्ताव भेजा गया है।
नगर क्षेत्र के स्कूलों फर्नीचर के लिए एस्टीमेट तैयार किया गया है। जिसका प्रस्ताव भेजा जा रहा है। जल्द ही नगर के स्कूलों को फर्नीचर और अन्य कायाकल्प के बिंदुओं से संतृप्त किया जाएगा। - ब्रह्मनारायण श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र।

परिषद को स्कूलों में फर्नीचर और अन्य कायाकल्प के पैरामीटर से संतृप्त कराने के लिए प्रस्ताव जनपद स्तर से भेजा गया है। परिषद से इसके लिए बजट की मांग की गई है। मार्च से पहले स्कूलों में कायाकल्प के 19 मानक पूरे कराए जाएंगे। - अरुण शुक्ल, एडी बेसिक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed