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स्मार्ट सिटी से सहेजी जाएंगीं झांसी की धरोहरें
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झांसी। झांसी की ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत पहल की जाएगी। किला समेत पुरातात्विक धरोहरों को सहेजने के लिए तैयार की गई योजना को लेकर एएसआई अधिकारियों से वार्ता का क्रम पूरा हो गया है। केंद्रीय अधिकारियों को योजना का प्रजेंटेशन दिया गया। निगम अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर में काम शुरू कराने की तैयारी है।
दरअसल, स्मार्ट सिटी के तहत महानगर में पुरातत्व धरोहरों के विकास को लेकर नौ कामों की डीपीआर तैयार की गई है। जिसके तहत वृंदावन लाल वर्मा पार्क के सामने पड़ी जमीन पर पार्क का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही किले की तलहटी में लैंडस्के पिंग और गार्डनिंग करने के बाद बेंच डाली जाएंगीं। इसके अलावा महानगर में बने पुराने 10 द्वारों का जीर्णोद्धार, जगह-जगह अतिक्रमण के शिकार परकोटे को दुरुस्त करने, किले में लाइट एंड साउंड सिस्टम का आधुनिकीकरण, किले के अंदर कैफेटेरिया, सोलर लैंप लगाने समेत तमाम कार्य कराए जाने हैं। इसे लेकर पिछले दिनों स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने लखनऊ में एएसआई के अधिकारियों से वार्ता की थी। जिसके बाद विकास कार्यों का प्रस्ताव दिल्ली में केंद्रीय अधिकारियों को भेजा गया। वहीं नगर आयुक्त अवनीश राय ने एएसआई के केंद्रीय अधिकारियों को योजना का प्रजेंटेशन दिया। जिसके बाद जल्द एनओसी मिलने की उम्मीद बंध गई है। स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि किला, द्वार और परकोटे के विकास को लेकर तैयार की गई योजना को लेकर एएसआई के अधिकारियों से वार्ता कर ली गई है। उम्मीद है कि 15 दिन में एनओसी मिल जाएगी। जिसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
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दरअसल, स्मार्ट सिटी के तहत महानगर में पुरातत्व धरोहरों के विकास को लेकर नौ कामों की डीपीआर तैयार की गई है। जिसके तहत वृंदावन लाल वर्मा पार्क के सामने पड़ी जमीन पर पार्क का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही किले की तलहटी में लैंडस्के पिंग और गार्डनिंग करने के बाद बेंच डाली जाएंगीं। इसके अलावा महानगर में बने पुराने 10 द्वारों का जीर्णोद्धार, जगह-जगह अतिक्रमण के शिकार परकोटे को दुरुस्त करने, किले में लाइट एंड साउंड सिस्टम का आधुनिकीकरण, किले के अंदर कैफेटेरिया, सोलर लैंप लगाने समेत तमाम कार्य कराए जाने हैं। इसे लेकर पिछले दिनों स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने लखनऊ में एएसआई के अधिकारियों से वार्ता की थी। जिसके बाद विकास कार्यों का प्रस्ताव दिल्ली में केंद्रीय अधिकारियों को भेजा गया। वहीं नगर आयुक्त अवनीश राय ने एएसआई के केंद्रीय अधिकारियों को योजना का प्रजेंटेशन दिया। जिसके बाद जल्द एनओसी मिलने की उम्मीद बंध गई है। स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि किला, द्वार और परकोटे के विकास को लेकर तैयार की गई योजना को लेकर एएसआई के अधिकारियों से वार्ता कर ली गई है। उम्मीद है कि 15 दिन में एनओसी मिल जाएगी। जिसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
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