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Jhansi News: आठ महीने की जनसुनवाई में ‘लाल पर्ची’ रही केशव की पहचान, आकाश कुलहरि बने आईजी रेंज
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। निवर्तमान डीआईजी केशव कुमार चौधरी ने झांसी में तैनाती के दौरान जनसुनवाई को नए अंदाज में करके अपनी अलग जगह बनाई। अमूमन पुलिस अफसरों के यहां शिकायती पत्र देने के बाद पीड़ित को उसका कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं दिया जाता, लेकिन दिसंबर, 2024 में तैनाती के बाद डीआईजी केशव चौधरी ने जनसुनवाई में बदलाव करते हुए अपने कार्यालय में आने वाले पीड़ित को लाल रंग की पावती दिलवाना आरंभ किया। इसके बाद जब भी पीड़ित दोबारा आता, यह विवरण उस पावती में दर्ज किए जाते। इसके साथ जनसुनवाई रजिस्टर में इसे दर्ज किया जाता। डीआईजी कार्यालय आने के ब्योरे के साथ अब तक हुई कार्रवाई भी उसमें दर्ज होती। इसकी निगरानी के लिए अलग से कर्मचारियों की तैनाती की गई। इसके अलावा पीड़ित के साथ विवेचकों को भी डीआईजी ने तलब करना शुरू किया। जनसुनवाई की इस नई विधा ने कई सारे मामले सुलझाने में मदद की। इसके चलते डीआईजी कार्यालय की जनसुनवाई में अधिक लोगों का पहुंचना आरंभ हुआ। डीआईजी केशव चौधरी का कहना है कि जनसुनवाई का यह तरीका हर जगह अपनाया।
आकाश कुलहरि बने आईजी रेंज
झांसी। वर्ष 2006 बैच के आईपीएस आकाश कुलहरि को आईजी रेंज बनाया गया है। आकाश कुलहरि ललितपुर के एसपी रह चुके हैं। मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर निवासी आकाश कुलहरि प्रयागराज, अलीगढ़ समेत अन्य कई बड़े जनपदों के कप्तान भी रह चुके हैं। अभी वह मुख्यालय पुलिस महानिदेशक मुख्यालय में महानिरीक्षक लोक शिकायत पद पर तैनात थे।
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