{"_id":"6ac955c5430edf7d8209b2a1","slug":"opd-and-delivery-services-affected-by-the-protest-of-contractual-health-workers-jhansi-news-c-131-1-ltp1030-164766-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के प्रदर्शन से ओपीडी और प्रसव सेवाएं प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के प्रदर्शन से ओपीडी और प्रसव सेवाएं प्रभावित
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मड़ावरा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। महिला ओपीडी, प्रसव सेवा, एक्सरे और रक्तचाप व मधुमेह की जांच बाधित हुईं। हालांकि, नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों ने इमरजेंसी, ओपीडी, रक्त परीक्षण और दवा वितरण जैसी सेवाएं जारी रखीं।
प्रदर्शन के दौरान संविदा चिकित्सकों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में सौंपा। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत करीब 18 वर्षों से सेवाएं दे रहे संविदा कार्मिकों को नियमित करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि हरियाणा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को नियमित किया जाना चाहिए।
समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग
संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन देने और नियमितीकरण होने तक सम्मानजनक मानदेय वृद्धि की मांग उठाई। उनका कहना था कि वे भी नियमित कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारी के साथ स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके हितों का ध्यान रखते हुए मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान नियमित, आउटसोर्स और एड्स नियंत्रण सोसायटी के कर्मचारी ड्यूटी पर रहे। इनके माध्यम से इमरजेंसी, ओपीडी, रक्त परीक्षण और दवा वितरण की व्यवस्थाएं संचालित की गईं। प्रदर्शन में डॉ. मयंक कुमार, डॉ. अंकिता वर्मा, डॉ. नेहा जैन, डॉ. जयप्रकाश, राजपाल, साधना झा, रजनी पाल, संदीप कुमार सहित अन्य संविदा स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मड़ावरा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। महिला ओपीडी, प्रसव सेवा, एक्सरे और रक्तचाप व मधुमेह की जांच बाधित हुईं। हालांकि, नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों ने इमरजेंसी, ओपीडी, रक्त परीक्षण और दवा वितरण जैसी सेवाएं जारी रखीं।
प्रदर्शन के दौरान संविदा चिकित्सकों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में सौंपा। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत करीब 18 वर्षों से सेवाएं दे रहे संविदा कार्मिकों को नियमित करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि हरियाणा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को नियमित किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग
संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन देने और नियमितीकरण होने तक सम्मानजनक मानदेय वृद्धि की मांग उठाई। उनका कहना था कि वे भी नियमित कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारी के साथ स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके हितों का ध्यान रखते हुए मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान नियमित, आउटसोर्स और एड्स नियंत्रण सोसायटी के कर्मचारी ड्यूटी पर रहे। इनके माध्यम से इमरजेंसी, ओपीडी, रक्त परीक्षण और दवा वितरण की व्यवस्थाएं संचालित की गईं। प्रदर्शन में डॉ. मयंक कुमार, डॉ. अंकिता वर्मा, डॉ. नेहा जैन, डॉ. जयप्रकाश, राजपाल, साधना झा, रजनी पाल, संदीप कुमार सहित अन्य संविदा स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
विज्ञापन