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धन न मिलने से मजदूर, पलायन को मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Apr 2016 02:00 AM IST
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manrega
- फोटो : amar ujala
झांसी। जिले की 379 ग्राम पंचायतों में मनरेगा की मजदूरी का पैसा समय पर नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने काम ठप कर दिया है। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा अधिकारियों ने 15 हजार प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने का निर्णय तो ले लिया, लेकिन भुगतान न होने से इन कार्यों को पूरा कराना सपने जैसा लगता है।वहीं, बेरोजगारी और सूखे का दंश झेल रहे जनपद के लोग पलायन को मजबूर हो रहे हैं।
जनपद में कुल 496 ग्राम पंचायतें हैं। मनरेगा के तहत इन ग्राम पंचायतों में शासन द्वारा स्वीकृत 248 प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराया गया था। लेकिन, अधिकांश प्रोजेक्ट के सफल न होने के कारण मजबूरन उनका काम बंद करा दिया गया।
वहीं, जिन प्रोजेक्ट पर काम हुआ, उनका भुगतान लटक गया। इसी के चलते प्रोजेक्ट का काम सिमट कर महज 117 ग्राम पंचायतों तक सीमित रह गया। अब 379 ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों के पास न तो खेती बची है और न ही गांव में रोजगार। ऐसे में ग्रामीणों के पास पलायन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। उधर, मनरेगा उपायुक्त विकास कुमार का कहना है कि चालू वित्तीय वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों में जल्द काम शुरू कराया जाएगा। इस वर्ष मनरेगा के तहत कुल 15 हजार प्रोजेक्ट पर काम करने का लक्ष्य है। इसके तहत कुल 37 हजार जॉब कार्डधारकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर लगभग 83 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय होगी।
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जनपद में कुल 496 ग्राम पंचायतें हैं। मनरेगा के तहत इन ग्राम पंचायतों में शासन द्वारा स्वीकृत 248 प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराया गया था। लेकिन, अधिकांश प्रोजेक्ट के सफल न होने के कारण मजबूरन उनका काम बंद करा दिया गया।
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वहीं, जिन प्रोजेक्ट पर काम हुआ, उनका भुगतान लटक गया। इसी के चलते प्रोजेक्ट का काम सिमट कर महज 117 ग्राम पंचायतों तक सीमित रह गया। अब 379 ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों के पास न तो खेती बची है और न ही गांव में रोजगार। ऐसे में ग्रामीणों के पास पलायन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। उधर, मनरेगा उपायुक्त विकास कुमार का कहना है कि चालू वित्तीय वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों में जल्द काम शुरू कराया जाएगा। इस वर्ष मनरेगा के तहत कुल 15 हजार प्रोजेक्ट पर काम करने का लक्ष्य है। इसके तहत कुल 37 हजार जॉब कार्डधारकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर लगभग 83 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय होगी।
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