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Jhansi News: युवक की हत्या में सात को आजीवन कारावास
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- न्यायालय ने आठ साल पुराने मामले में सुनाया फैसला
- सभी अभियुक्तों पर 65-65 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा-प्रथम की अदालत ने युवक की हत्या के मामले में सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी पर 65-65 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने बबीना थाना इलाके में आठ साल पहले हुई घटना में फैसला सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया कि गांव रसीना निवासी महताब सिंह ने थाना बबीना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनके बेटे प्रेम सिंह ने घर पर गणेशजी की प्रतिमा की स्थापना की थी। 17 सितंबर 2015 की शाम गांव के भरत और इंदर आए और चंदा उगाने के बहाने बेटे को अपने साथ उदेश यादव की दुकान पर ले गए। वहां पर गांव के ही भय्यन उर्फ सत्यपाल, हरदौल, रामजीलाल, धर्मवीर उर्फ भज्जू, शिरोमन और सीताराम ने घेरकर लाठी-डंडो व पत्थर से बेटे पर हमला कर दिया।
बेटे के चिल्लाने की आवाज सुनकर पिता, भाई अजब सिंह, मां उर्मिला और चाचा हुकुम सिंह बचाने दौड़े तो उनके साथ भी मारपीट की। आनन-फानन बेटे प्रेम सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त भय्यन उर्फ सत्यपाल, हरदौल, सीताराम, धर्मवीर उर्फ मज्जू, शिरोमन, भरत व इंदर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 65-65 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इसकी अदायगी न करने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई। जबकि, मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक अन्य अभियुक्त रामजीलाल की मौत हो गई थी।
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- सभी अभियुक्तों पर 65-65 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा-प्रथम की अदालत ने युवक की हत्या के मामले में सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी पर 65-65 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने बबीना थाना इलाके में आठ साल पहले हुई घटना में फैसला सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया कि गांव रसीना निवासी महताब सिंह ने थाना बबीना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनके बेटे प्रेम सिंह ने घर पर गणेशजी की प्रतिमा की स्थापना की थी। 17 सितंबर 2015 की शाम गांव के भरत और इंदर आए और चंदा उगाने के बहाने बेटे को अपने साथ उदेश यादव की दुकान पर ले गए। वहां पर गांव के ही भय्यन उर्फ सत्यपाल, हरदौल, रामजीलाल, धर्मवीर उर्फ भज्जू, शिरोमन और सीताराम ने घेरकर लाठी-डंडो व पत्थर से बेटे पर हमला कर दिया।
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बेटे के चिल्लाने की आवाज सुनकर पिता, भाई अजब सिंह, मां उर्मिला और चाचा हुकुम सिंह बचाने दौड़े तो उनके साथ भी मारपीट की। आनन-फानन बेटे प्रेम सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त भय्यन उर्फ सत्यपाल, हरदौल, सीताराम, धर्मवीर उर्फ मज्जू, शिरोमन, भरत व इंदर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 65-65 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इसकी अदायगी न करने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई। जबकि, मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक अन्य अभियुक्त रामजीलाल की मौत हो गई थी।