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कबीर बेदी और शरद केलकर बखानेंगे रानी का शौर्य
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झांसी। आजादी की लड़ाई का गवाह रहे झांसी के ऐतिहासिक किले के भीतर अब जल्द ही वह लम्हे दुबारा जीवंत होंगे। अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड सिस्टम के जरिए आजादी की लड़ाई में रानी लक्ष्मीबाई के ऐतिहासिक योगदान को सजीव रूप में देखने को मिलेगा। पहली बार अंग्रेजी में भी शो की प्रस्तुति होगी। रानी के शौर्य का किस्सा मशहूर बालीवुड कलाकार कबीर बेदी एवं शरद केलकर अपनी दमदार आवाज में बखानेंगे। किले के भीतर पीएम नरेंद्र मोदी के सामने पहली बार इसकी प्रस्तुति होगी।
1857 के दौरान लड़ी गई आजादी की पहली लड़ाई के दौरान झांसी मुख्य केंद्र रहा। इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए देश भर से लोग यहां किला देखने आते हैं। उनके भीतर महारानी लक्ष्मीबाई के बारे में जानने की ललक भी रहती है। स्मार्ट सिटी मिशन के जरिए करीब बीस करोड़ की लागत से नया साउंड एवं लाइट कार्यक्रम तैयार कराया गया है। निगम अफसरों का कहना है यह पूरा शो अत्याधुनिक प्रकाश एवं आवाज तकनीक पर आधारित होगा। एक साथ ढाई सौ लोग इस शो को देख सकेंगे। किले के भीतर अमोद गार्डन के पास इसका पूरा सेटअप तैयार कराया जा रहा है। तकनीकी का ऐसा इस्तेमाल होगा कि दर्शक खुद को युद्घ मैदान के करीब महसूस करेंगे। तोप एवं घोड़ों के दौड़ने की आवाज भी बिल्कुल युद्घ के मैदान सरीखी ही सुनाई पड़ेगी। इस विशेष प्रभाव को पैदा करने के लिए वहां 72-16 हजार हार्ट्ज क्षमता के साउंड बाक्स लगाए जाएंगे। लेजर तकनीक पर आधारित बीम से तस्वीरें उकेरी जाएंगी। शो के लिए एएसआई से स्क्रिप्ट भी फाइनल हो गई। निगम अफसरों का कहना है पहली दफे अंग्रेजी एवं हिंदी में अलग-अलग शो आयोजित किए जाएंगे। अंग्रेजी के शो के लिए जाने-माने वालीबुड कलाकार कबीर बेदी वायस ओवर करेंगे जबकि हिंदी के लिए शरद केलकर एवं मीता वशिष्ठ की आवाज का इस्तेमाल होगा। आधे घंटे के इस शो के लिए कुछ दिनों के भीतर डबिंग भी पूरी हो जाएगी। 19 नवंबर को प्रधानमंत्री के सामने पहली बार इसकी प्रस्तुति की जाएगी। इसको देखते हुए अफसरों ने तैयारी तेज कर दी है। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के जरिए किले के आसपास तीन बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इन सभी को प्रधानमंत्री के आगमन से पूर्व पूरा कराया जाएगा।
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1857 के दौरान लड़ी गई आजादी की पहली लड़ाई के दौरान झांसी मुख्य केंद्र रहा। इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए देश भर से लोग यहां किला देखने आते हैं। उनके भीतर महारानी लक्ष्मीबाई के बारे में जानने की ललक भी रहती है। स्मार्ट सिटी मिशन के जरिए करीब बीस करोड़ की लागत से नया साउंड एवं लाइट कार्यक्रम तैयार कराया गया है। निगम अफसरों का कहना है यह पूरा शो अत्याधुनिक प्रकाश एवं आवाज तकनीक पर आधारित होगा। एक साथ ढाई सौ लोग इस शो को देख सकेंगे। किले के भीतर अमोद गार्डन के पास इसका पूरा सेटअप तैयार कराया जा रहा है। तकनीकी का ऐसा इस्तेमाल होगा कि दर्शक खुद को युद्घ मैदान के करीब महसूस करेंगे। तोप एवं घोड़ों के दौड़ने की आवाज भी बिल्कुल युद्घ के मैदान सरीखी ही सुनाई पड़ेगी। इस विशेष प्रभाव को पैदा करने के लिए वहां 72-16 हजार हार्ट्ज क्षमता के साउंड बाक्स लगाए जाएंगे। लेजर तकनीक पर आधारित बीम से तस्वीरें उकेरी जाएंगी। शो के लिए एएसआई से स्क्रिप्ट भी फाइनल हो गई। निगम अफसरों का कहना है पहली दफे अंग्रेजी एवं हिंदी में अलग-अलग शो आयोजित किए जाएंगे। अंग्रेजी के शो के लिए जाने-माने वालीबुड कलाकार कबीर बेदी वायस ओवर करेंगे जबकि हिंदी के लिए शरद केलकर एवं मीता वशिष्ठ की आवाज का इस्तेमाल होगा। आधे घंटे के इस शो के लिए कुछ दिनों के भीतर डबिंग भी पूरी हो जाएगी। 19 नवंबर को प्रधानमंत्री के सामने पहली बार इसकी प्रस्तुति की जाएगी। इसको देखते हुए अफसरों ने तैयारी तेज कर दी है। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के जरिए किले के आसपास तीन बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इन सभी को प्रधानमंत्री के आगमन से पूर्व पूरा कराया जाएगा।
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