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जंक फूड से बच्चे हो रहे एनीमिया के शिकार: अध्ययन में 67 फीसदी में मिला एनीमिया, देहात के 55 फीसदी चपेट में

Sun, 21 Sep 2025 06:31 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Sun, 21 Sep 2025 06:31 PM IST
सार

बच्चों व किशोरावस्था में एनीमिया की प्रमुख वजह संतुलित आहार कम और जंक फूड का अत्यधिक सेवन है। इसकी वजह से खेलने-कूदने की उम्र में बच्चे थकान व सांस फूलने की दिक्कत से जूझ रहे हैं।

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Junk food is causing anemia in children: Study finds 67% have anemia, 55% in rural areas affected
गड़बड़ खानपान की दिक्कत - फोटो : Freepik.com

विस्तार

जंक फूड के अधिक सेवन व असंतुलित आहार लेने से शहरी बच्चे भी एनीमिया के शिकार हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के 10 से 12 वर्ष के बच्चों में हीमोग्लोबिन आठ ग्राम से भी कम मिला है। 67 फीसदी बेटियां एनीमिया की चपेट में हैं। यह हकीकत मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में हुए शोध में सामने आई है। इसका प्रकाशन इंडियन जनरल ऑफ यूथ एंड एडोलसेंट में हो चुका है।
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यह शोध प्रोफेसर डॉ. आराधना कनकने व डॉ. नुपुर पांडेय के नेतृत्व में डॉ. अंशु गौतम ने किया है, जिसमें ग्रामीण व शहर के 10 से 19 वर्ष के 100 बच्चे शामिल किए। डॉ. कनकने ने बताया कि 12 माह तक चले शोथ में बुंदेलखंड के अलग-अलग इलाकों के बच्चों को शामिल किया गया। स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण क्षेत्र के 55 फीसदी और शहरी इलाकों के 45 फीसदी बच्चे व किशोर एनीमिया के शिकार हैं।
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67 फीसदी लड़कियां शिकार

खास बात यह कि 10 से 12 वर्ष के बच्चों में एनीमिया गंभीरावस्था में मिला, जिनमें 67 फीसदी लड़कियां हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों व किशोरावस्था में एनीमिया की प्रमुख वजह संतुलित आहार कम और जंक फूड का अत्यधिक सेवन है। इसकी वजह से खेलने-कूदने की उम्र में बच्चे थकान व सांस फूलने की दिक्कत से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनीमिया से पीड़ित 30 फीसदी बच्चों में भूख कम लगने की शिकायत मिली है। 15 फीसदी में सांस फूलने, 15 फीसदी में खांसी, 14 फीसदी में उल्टी, दो फीसदी में पेट दर्द, पांच फीसदी में हड्डियों में दर्द की दिक्कत मिली।
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जब इनके खून की जांच की तब पता चला कि 36 फीसदी बच्चों में आयरन, 24 फीसदी में विटामिन बी-12, आठ फीसदी में आयरन व विटामिन बी-12 की कमी के कारण एनीमिया हुआ है। बच्चों के खानपान पर गौर किया तो पता चला कि जंक फूड का अधिक सेवन एनीमिया का कारण है। उन्होंने बताया कि एनीमिया में लाल रक्त कोशिका और हीमोग्लोबिन की कमी होती है, जो ऊतकों तक ऑक्सीजन ले जाने के लिए जरूरी है।

हीमोग्लोबिन आठ ग्राम से कम होने का मतलब गंभीर अवस्था होना है। इससे किशोरों का विकास प्रभावित होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। 10 से 19 वर्ष के बीच बच्चे का शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक विकास होता है, जिसमें संतुलित आहार की कमी एनीमिया का कारण है।


बच्चों को एनीमिया से ऐसे बचाएं

पत्तेदार हरी सब्जी, दाल, अनाज, गुड़, तिल, कद्दू, सूरजमुखी के बीज का सेवन कराएं। दूध व दही नियमित दें। इंडोर के बजाय आउटडोर गेम के लिए बच्चों को प्रेरित करें। इससे मेटाबोलिज्म सक्रिय होता है और भूख भी लगती है।
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