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Jhansi: महिला उद्यमियों की ट्रेनिंग हुई पर नहीं मिले ड्रोन, नहीं कर पा रही स्वरोजगार
Mon, 27 Apr 2026 02:30 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Mon, 27 Apr 2026 02:30 PM IST
सार
दो साल पहले ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत की गई थी। इसके लिए तीन ड्रोन दीदियों का एनआरएलएम के माध्यम से चयन हुआ। उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया। लेकिन छह माह बाद भी उन्हें ड्रोन नहीं मिला।
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ड्रोन दीदी योजना।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार मिल सके, इसके लिए ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत हुई थी। पिछले साल तीन महिला उद्यमियों का ड्रोन के लिए चयन हुआ, लेकिन अब तक वे ड्रोन मिलने का इंतजार कर रही हैं।
दो साल पहले ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत की गई थी। ड्रोन से खेतों में कीटनाशक आदि का छिड़काव कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सकें, इसके लिए तीन ड्रोन दीदियों का एनआरएलएम के माध्यम से चयन हुआ। उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया। लेकिन छह माह बाद भी उन्हें ड्रोन नहीं मिला। बताया गया कि फंड की कमी के चलते उन्हें ड्रोन नहीं मिल पा रहे हैं।
हैदराबाद और लखनऊ में होती है ट्रेनिंग
ड्रोन संचालन व उसके रखरखाव के लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की ट्रेनिंग लखनऊ और हैदराबाद समेत अन्य स्थानों पर होती है। पूर्व में दो किसानों की ट्रेनिंग हैदराबाद में हुई थी।दूसरे चरण में 2025-26 में तीन महिलाओं की ट्रेनिंग लखनऊ में कराई गई।
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ड्रोन के साथ वाहन मिलने का भी प्रावधान
एनआरएलएम द्वारा चयनित इन महिलाओं को 10 लाख रुपये का ड्रोन और करीब पांच लाख रुपये का वाहन दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन तीनों ड्रोन दीदियों को न तो ड्रोन मिला न ही वाहन।
पहले चरण में दो ड्रोन दीदियों को ड्रोन दिए जा चुके हैं, लेकिन दूसरे चरण में फंड आने के बाद ही ड्रोन व वाहन मिल सकेंगे। सुनील कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनआरएलएम
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दो साल पहले ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत की गई थी। ड्रोन से खेतों में कीटनाशक आदि का छिड़काव कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सकें, इसके लिए तीन ड्रोन दीदियों का एनआरएलएम के माध्यम से चयन हुआ। उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया। लेकिन छह माह बाद भी उन्हें ड्रोन नहीं मिला। बताया गया कि फंड की कमी के चलते उन्हें ड्रोन नहीं मिल पा रहे हैं।
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हैदराबाद और लखनऊ में होती है ट्रेनिंग
ड्रोन संचालन व उसके रखरखाव के लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की ट्रेनिंग लखनऊ और हैदराबाद समेत अन्य स्थानों पर होती है। पूर्व में दो किसानों की ट्रेनिंग हैदराबाद में हुई थी।दूसरे चरण में 2025-26 में तीन महिलाओं की ट्रेनिंग लखनऊ में कराई गई।
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ड्रोन के साथ वाहन मिलने का भी प्रावधान
एनआरएलएम द्वारा चयनित इन महिलाओं को 10 लाख रुपये का ड्रोन और करीब पांच लाख रुपये का वाहन दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन तीनों ड्रोन दीदियों को न तो ड्रोन मिला न ही वाहन।
पहले चरण में दो ड्रोन दीदियों को ड्रोन दिए जा चुके हैं, लेकिन दूसरे चरण में फंड आने के बाद ही ड्रोन व वाहन मिल सकेंगे। सुनील कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनआरएलएम