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Jhansi: बीयू में छात्रों ने किया क्राइम सीन का प्रदर्शन, शुरू हुआ फॉरेंसिक साइंस सप्ताह
Tue, 16 Sep 2025 07:17 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 16 Sep 2025 07:17 PM IST
सार
कुलसचिव राजबहादुर ने कहा कि उलझे अपराधों को फॉरेंसिक साइंस सुलझाती है। बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू होने से इसका महत्व काफी बढ़ा है।
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क्राइम सीन का प्रदर्शन करते फॉरेंसिक साइंस विभाग के छात्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुंदेलखंड विवि के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी विभाग में सोमवार को शुरू हुए फॉरेंसिक साइंस सप्ताह के उद्घाटन सत्र में छात्रों ने क्राइम सीन मैनेजमेंट का प्रदर्शन किया। कुलसचिव राजबहादुर तथा विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. आलोक वर्मा ने इसकी सराहना की।
कुलसचिव राजबहादुर ने कहा कि उलझे अपराधों को फॉरेंसिक साइंस सुलझाती है। बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू होने से इसका महत्व काफी बढ़ा है। ध्यान रखें, यह फील्ड काफी चुनौतीपूर्ण होती है। कई तरह के अवरोध आते हैं जिनको पार करके ही गुल्थी सुलझाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल विषयगत ज्ञान सुदृढ़ करती हैं, बल्कि अनुसंधान व समस्या समाधान की क्षमता विकसित करती हैं। समन्यक डॉ. विजय यादव ने बताया कि वाद-विवाद, क्राइम सीन पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी, मॉक क्राइम सीन प्रबंधन आदि का आयोजन होगा। इस दौरान फॉरेंसिंक विभाग के प्रोफेसर डाॅ. अनु सिगला, डॉ. मुरली मनोहर यादव, डॉ. आकाश कुमार, डॉ. चंदन नामदेव, अर्पिता व्यास, आकाश मृत्युंजय आदि उपस्थित रहे।
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कुलसचिव राजबहादुर ने कहा कि उलझे अपराधों को फॉरेंसिक साइंस सुलझाती है। बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू होने से इसका महत्व काफी बढ़ा है। ध्यान रखें, यह फील्ड काफी चुनौतीपूर्ण होती है। कई तरह के अवरोध आते हैं जिनको पार करके ही गुल्थी सुलझाई जा सकती है।
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उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल विषयगत ज्ञान सुदृढ़ करती हैं, बल्कि अनुसंधान व समस्या समाधान की क्षमता विकसित करती हैं। समन्यक डॉ. विजय यादव ने बताया कि वाद-विवाद, क्राइम सीन पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी, मॉक क्राइम सीन प्रबंधन आदि का आयोजन होगा। इस दौरान फॉरेंसिंक विभाग के प्रोफेसर डाॅ. अनु सिगला, डॉ. मुरली मनोहर यादव, डॉ. आकाश कुमार, डॉ. चंदन नामदेव, अर्पिता व्यास, आकाश मृत्युंजय आदि उपस्थित रहे।
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