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Jhansi: आवेदन आ रहे एक हजार, हर माह बन पा रहे सौ जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, लोगों को हो रही परेशानी
Tue, 03 Feb 2026 09:42 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 03 Feb 2026 09:42 AM IST
सार
नए नियम के तहत अब हर महीने सिर्फ सौ प्रमाणपत्र ही अपडेट हो रहे हैं। जबकि, आवेदन एक हजार से अधिक आ रहे हैं।
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नगर निगम, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नगर निगम और जोनल कार्यालयों में सीआरएस पोर्टल पर पुराने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र को अपडेट कराकर बार कोड वाला नया प्रमाणपत्र बनवाने आ रहे लोगों को परेशानी हो रही है। नए नियम के तहत अब हर महीने सिर्फ सौ प्रमाणपत्र ही अपडेट हो रहे हैं। जबकि, आवेदन एक हजार से अधिक आ रहे हैं।
वर्ष 2017 से सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम यानी सीआरएस पोर्टल के जरिये बारकोड/क्यूआर कोड वाले डिजिटल जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं, जिसे स्कैन करके प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता जांची जा सकती है। अधिकांश जगहों पर बार कोड वाले जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र ही बतौर साक्ष्य मांगे जाते हैं। ऐसे में पहले से बने मैन्युअल प्रमाणपत्रों को भी बार कोड वाले डिजिटल प्रारूप में बदलने के लिए लोग आवेदन करते हैं।
जनवरी में सिर्फ दस प्रमाणपत्रों को ही हर महीने अपडेट करने का नियम लागू कर दिया गया। ऐसे में पोर्टल पर इससे अधिक जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र अपडेट ही नहीं हो पा रहे थे। हालांकि, सोमवार को इसकी सीमा बढ़ाकर सौ प्रमाणपत्र कर दी गई। नगर निगम के स्टाफ के मुताबिक हर दिन 40 से 50 जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र अपडेट करने के लिए आवेदन आ रहे हैं। कई आवेदन नगर निगम तो कई जोनल कार्यालयों में आ रहे हैं।
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जनवरी में शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया गया था कि सीआरएस पोर्टल पर बिना बार कोड वाले प्रतिमाह 10 जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र अपडेट हो पा रहे हैं। अब ये सीमा बढ़ाकर सौ प्रमाणपत्र मासिक कर दी गई है। अगर आगे भी समस्या आती है तो शासन को पत्र लिखा जाएगा। - गौरव कुमार, रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु, नगर निगम।
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वर्ष 2017 से सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम यानी सीआरएस पोर्टल के जरिये बारकोड/क्यूआर कोड वाले डिजिटल जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं, जिसे स्कैन करके प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता जांची जा सकती है। अधिकांश जगहों पर बार कोड वाले जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र ही बतौर साक्ष्य मांगे जाते हैं। ऐसे में पहले से बने मैन्युअल प्रमाणपत्रों को भी बार कोड वाले डिजिटल प्रारूप में बदलने के लिए लोग आवेदन करते हैं।
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जनवरी में सिर्फ दस प्रमाणपत्रों को ही हर महीने अपडेट करने का नियम लागू कर दिया गया। ऐसे में पोर्टल पर इससे अधिक जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र अपडेट ही नहीं हो पा रहे थे। हालांकि, सोमवार को इसकी सीमा बढ़ाकर सौ प्रमाणपत्र कर दी गई। नगर निगम के स्टाफ के मुताबिक हर दिन 40 से 50 जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र अपडेट करने के लिए आवेदन आ रहे हैं। कई आवेदन नगर निगम तो कई जोनल कार्यालयों में आ रहे हैं।
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जनवरी में शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया गया था कि सीआरएस पोर्टल पर बिना बार कोड वाले प्रतिमाह 10 जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र अपडेट हो पा रहे हैं। अब ये सीमा बढ़ाकर सौ प्रमाणपत्र मासिक कर दी गई है। अगर आगे भी समस्या आती है तो शासन को पत्र लिखा जाएगा। - गौरव कुमार, रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु, नगर निगम।