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बचत करने में भी झांसी अव्वल, सूबे में तीसरा स्थान
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jhansi is first position in saving.
बचत करने में भी झांसी वाले आगे, पूरा हो चुका वर्ष भर का लक्ष्य
झांसी। बचत करने में इस वर्ष झांसी वासी बढ़त बनाए हुए हैं। राष्ट्रीय बचत के पिछले वर्ष के जारी परिणामों में झांसी को बचत के मामले में सूबे में तीसरा स्थान हासिल हुआ है। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में कोरोना की मार के बावजूद पांच माह के भीतर ही बचत का तयशुदा लक्ष्य भी हासिल हो गया।
बैंकों के मुकाबले अच्छी ब्याज दर होने के नाते डाकघर से संचालित होने वाली तमाम बचत योजनाओं में लोग बड़े पैमाने पर पैसे जमा करते हैं। इनमें पांच वर्षीय आवर्ती जमा योजना, पांच वर्षीय डाकघर मासिक आय योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, किसान विकास पत्र, पांच वर्षीय राष्ट्रीय बचत पत्र, एक से पांच वर्षीय सावधि जमा योजनाएं, 15 वर्षीय लोक भविष्य निधि खाता एवं सुकन्या समृद्घि योजना सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। झांसी में एक लाख से अधिक छोटे-बड़े खाता धारक हैं। राष्ट्रीय बचत कार्यक्रम के तहत संचालित होने वाली इन बचत योजनाओं के हालिया परिणामों में झांसी सूबे में तीसरे स्थान पर रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में उसे कुल 11571 लाख रुपये जमा करने था लेकिन, जमाकर्ताओं ने कुल 53688 लाख रुपये जमा किए। इस आधार पर उसे सूबे में तीसरा स्थान हासिल हुआ जबकि पहले एवं दूसरे नंबर पर फतेहपुर एवं औरैया जनपद रहे।
इसी तरह चालू वित्तीय वर्ष में झांसी के लिए 11571 लाख रुपये का लक्ष्य तय किया गया। लेकिन यह लक्ष्य पिछले माह ही पूरा हो गया। इस दौरान जमाकर्ताओं ने कुल 12115 लाख रुपये जमा करा दिए हालांकि कोरोना संकट के चलते इस दफा जितनी धनराशि जमा हुई, उससे अधिक पैसे की निकासी भी की गई। कोरोना संकट की वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी रकम का निवेश आगे नहीं किया। उनके पैसा न निकालने पर यह रकम कहीं अधिक होती। प्रभारी सहायक निदेशक बचत अरविंद गौड़ का कहना है कि जमा कराने का लक्ष्य पहले ही पूरा कर लिया गया। इसे आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
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झांसी। बचत करने में इस वर्ष झांसी वासी बढ़त बनाए हुए हैं। राष्ट्रीय बचत के पिछले वर्ष के जारी परिणामों में झांसी को बचत के मामले में सूबे में तीसरा स्थान हासिल हुआ है। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में कोरोना की मार के बावजूद पांच माह के भीतर ही बचत का तयशुदा लक्ष्य भी हासिल हो गया।
बैंकों के मुकाबले अच्छी ब्याज दर होने के नाते डाकघर से संचालित होने वाली तमाम बचत योजनाओं में लोग बड़े पैमाने पर पैसे जमा करते हैं। इनमें पांच वर्षीय आवर्ती जमा योजना, पांच वर्षीय डाकघर मासिक आय योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, किसान विकास पत्र, पांच वर्षीय राष्ट्रीय बचत पत्र, एक से पांच वर्षीय सावधि जमा योजनाएं, 15 वर्षीय लोक भविष्य निधि खाता एवं सुकन्या समृद्घि योजना सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। झांसी में एक लाख से अधिक छोटे-बड़े खाता धारक हैं। राष्ट्रीय बचत कार्यक्रम के तहत संचालित होने वाली इन बचत योजनाओं के हालिया परिणामों में झांसी सूबे में तीसरे स्थान पर रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में उसे कुल 11571 लाख रुपये जमा करने था लेकिन, जमाकर्ताओं ने कुल 53688 लाख रुपये जमा किए। इस आधार पर उसे सूबे में तीसरा स्थान हासिल हुआ जबकि पहले एवं दूसरे नंबर पर फतेहपुर एवं औरैया जनपद रहे।
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इसी तरह चालू वित्तीय वर्ष में झांसी के लिए 11571 लाख रुपये का लक्ष्य तय किया गया। लेकिन यह लक्ष्य पिछले माह ही पूरा हो गया। इस दौरान जमाकर्ताओं ने कुल 12115 लाख रुपये जमा करा दिए हालांकि कोरोना संकट के चलते इस दफा जितनी धनराशि जमा हुई, उससे अधिक पैसे की निकासी भी की गई। कोरोना संकट की वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी रकम का निवेश आगे नहीं किया। उनके पैसा न निकालने पर यह रकम कहीं अधिक होती। प्रभारी सहायक निदेशक बचत अरविंद गौड़ का कहना है कि जमा कराने का लक्ष्य पहले ही पूरा कर लिया गया। इसे आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
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