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Jhansi: आंबेडकर की प्रतिमा के पांव छूकर बुजुर्ग ने रेता अपना गला, नाजुक हाल में कराया गया भर्ती
Thu, 14 May 2026 06:35 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Thu, 14 May 2026 06:35 AM IST
सार
बड़ागांव में एक बुजुर्ग ने डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचकर उनके पहले पांव छुए, उसके बाद जेब से चाकू निकालकर खुद का गला रेत लिया। लहूलुहान हालत में उसे मेडिकल में भर्ती कराया गया है।
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मेडिकल कॉलेज, झांसी
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
बड़ागांव निवासी रामरतन अहिरवार (61) ने बुधवार दोपहर घर के पास बने पार्क में पहुंचकर डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पहले पांव छुए, उसके बाद जेब से चाकू निकालकर खुद का गला रेत लिया। यह दृश्य देखते ही पार्क में चीख-पुकार मच गई। रामरतन खून से लहूलुहान होकर जमीन पर तड़पने लगा। पुलिस ने उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया, यहां हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि रामरतन की मानसिक अवस्था ठीक नहीं है।
रामरतन का घर पार्क से करीब सौ मीटर दूर पर है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि बुधवार सुबह रामरतन ने पार्क के केयरटेकर से फूल चढ़ाने के लिए चाबी मांगी थी। उसके चाबी देने से इन्कार करने पर नाराज होकर घर लौट आया और उसके खिलाफ प्रार्थना पत्र लिखने लगा। परिजनों के समझाने पर कमरे में चला गया। दोपहर में निकलकर पार्क में फिर पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वहां पहुंचकर रामरतन ने पहले डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा के पांव छुए। फिर जेब से चाकू निकालकर अपना गला रेत लिया।
परिवार के लोग भी पहुंचे। पुलिस उनको लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंची। परिजनों के मुताबिक मानसिक स्वास्थ्य खराब रहने की वजह से दो साल से इलाज चल रहा था। सीओ सदर रामवीर सिंह का कहना है कि उसके बात करने लायक होने पर घटना के बारे में पूछा जाएगा।
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रामरतन का घर पार्क से करीब सौ मीटर दूर पर है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि बुधवार सुबह रामरतन ने पार्क के केयरटेकर से फूल चढ़ाने के लिए चाबी मांगी थी। उसके चाबी देने से इन्कार करने पर नाराज होकर घर लौट आया और उसके खिलाफ प्रार्थना पत्र लिखने लगा। परिजनों के समझाने पर कमरे में चला गया। दोपहर में निकलकर पार्क में फिर पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वहां पहुंचकर रामरतन ने पहले डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा के पांव छुए। फिर जेब से चाकू निकालकर अपना गला रेत लिया।
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परिवार के लोग भी पहुंचे। पुलिस उनको लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंची। परिजनों के मुताबिक मानसिक स्वास्थ्य खराब रहने की वजह से दो साल से इलाज चल रहा था। सीओ सदर रामवीर सिंह का कहना है कि उसके बात करने लायक होने पर घटना के बारे में पूछा जाएगा।
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