{"_id":"68c8fc74d6b855a5ce06376d","slug":"jhansi-council-schools-have-twice-as-many-admissions-than-the-target-under-scrutiny-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: परिषदीय विद्यालयों में लक्ष्य से दोगुने प्रवेश जांच के घेरे में, 7071 नामांकन नहीं किये गये फीड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: परिषदीय विद्यालयों में लक्ष्य से दोगुने प्रवेश जांच के घेरे में, 7071 नामांकन नहीं किये गये फीड
Tue, 16 Sep 2025 07:19 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 16 Sep 2025 07:19 PM IST
सार
जिले में 946 परिषदीय स्कूलों में प्रेरणा पोर्टल पर 81148 छात्रों का डाटा दर्ज हुआ। यू-डायस पर सिर्फ 74077 छात्र-छात्राओं का डाटा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा अधिकारी, कार्यालय, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जनपद के परिषदीय विद्यालयों में नए छात्र-छात्राओं का लक्ष्य से दोगुने प्रवेश अब जांच के घेरे में आ गए हैं। विभाग को शक है कि 50 से कम छात्रांकन वाले कई परिषदीय स्कूलों ने कहीं विलय से बचने के लिए विद्यार्थियों का फर्जी नामांकन तो नहीं करा दिया। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से सात दिन में छात्रों का डाटा यू-डायस (शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली) पर फीड करने के निर्देश दिए हैं।
इस साल जनपद को लगभग 12 हजार नए छात्र-छात्राओं का प्रवेश कराने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष 26 हजार नए छात्र-छात्राओं के प्रवेश हुए हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जब परिषदीय स्कूलों में प्रवेश शुरू हुए थे, तभी 50 से कम छात्रांकन वाले स्कूलों का नजदीकी परिषदीय विद्यालय में विलय करने का शासनादेश आया था। ऐसे में ये आशंका है कि कुछ स्कूलों ने कहीं स्कूल को विलय से बचाने के लिए प्रेरणा पोर्टल पर फर्जी नामांकन तो नहीं करा दिया। चूंकि, प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकरण के लिए विद्यार्थी के आधार कार्ड की जरूरत नहीं पड़ती है इसलिए कई विद्यार्थियों का सिर्फ नाम, पता समेत अन्य जानकारियां दर्ज करके ही पंजीकरण करा दिया जाता है। मगर जब यू-डायस का पंजीकरण खुलता है तो उसमें विद्यार्थी का आधार कार्ड नंबर भी दर्ज करना होता है।
ये भी जानें
जिले में 946 परिषदीय स्कूलों में प्रेरणा पोर्टल पर 81148 छात्रों का डाटा दर्ज हुआ। यू-डायस पर सिर्फ 74077 छात्र-छात्राओं का डाटा दर्ज किया गया है। 7071 विद्यार्थियों का नामांकन यू-डायस पर फीड नहीं किया गया है। शासनादेश के बाद जनपद के 87 स्कूलों का विलय किया गया है।
विज्ञापन
इन्होंने बताया
इस मामले में बीएसए विपुल शिव सागर का कहना है कि इस साल लक्ष्य से दोगुना से भी ज्यादा नए छात्र-छात्राओं के परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश हुए हैं। यू-डायस पर सभी छात्र-छात्राओं का डाटा फीड करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया। इसमें पंजीकरण के दौरान विद्यार्थी का आधार कार्ड अपलोड करना होता है। इससे पूरी स्थिति सामने आ जाएगी।
विज्ञापन
इस साल जनपद को लगभग 12 हजार नए छात्र-छात्राओं का प्रवेश कराने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष 26 हजार नए छात्र-छात्राओं के प्रवेश हुए हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जब परिषदीय स्कूलों में प्रवेश शुरू हुए थे, तभी 50 से कम छात्रांकन वाले स्कूलों का नजदीकी परिषदीय विद्यालय में विलय करने का शासनादेश आया था। ऐसे में ये आशंका है कि कुछ स्कूलों ने कहीं स्कूल को विलय से बचाने के लिए प्रेरणा पोर्टल पर फर्जी नामांकन तो नहीं करा दिया। चूंकि, प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकरण के लिए विद्यार्थी के आधार कार्ड की जरूरत नहीं पड़ती है इसलिए कई विद्यार्थियों का सिर्फ नाम, पता समेत अन्य जानकारियां दर्ज करके ही पंजीकरण करा दिया जाता है। मगर जब यू-डायस का पंजीकरण खुलता है तो उसमें विद्यार्थी का आधार कार्ड नंबर भी दर्ज करना होता है।
विज्ञापन
ये भी जानें
जिले में 946 परिषदीय स्कूलों में प्रेरणा पोर्टल पर 81148 छात्रों का डाटा दर्ज हुआ। यू-डायस पर सिर्फ 74077 छात्र-छात्राओं का डाटा दर्ज किया गया है। 7071 विद्यार्थियों का नामांकन यू-डायस पर फीड नहीं किया गया है। शासनादेश के बाद जनपद के 87 स्कूलों का विलय किया गया है।
विज्ञापन
इन्होंने बताया
इस मामले में बीएसए विपुल शिव सागर का कहना है कि इस साल लक्ष्य से दोगुना से भी ज्यादा नए छात्र-छात्राओं के परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश हुए हैं। यू-डायस पर सभी छात्र-छात्राओं का डाटा फीड करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया। इसमें पंजीकरण के दौरान विद्यार्थी का आधार कार्ड अपलोड करना होता है। इससे पूरी स्थिति सामने आ जाएगी।