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जंजीर टूटने से हवा में झूला रेल इंजन
Wed, 27 Mar 2019 01:14 AM IST
देवेंद्र कुमार
amarujala
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Wed, 27 Mar 2019 01:14 AM IST
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- फोटो : demo
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एसी लोको शेड में मंगलवार की सुबह इंजन को दूसरी जगह भेजते वक्त जंजीर टूटने से वह जमीन पर आ गया। इंजन का दूसरे हिस्सा हवा में लटक गया। गनीमत रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हो सका। घटना को लेकर कर्मचारियों ने काम बंद करके हंगामा किया।
पुलिया नंबर नौ के नजदीक स्थित एसी लोको शेड में इलेक्ट्रिक इंजनों का रखरखाव होता है। मंगलवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे इंजन नंबर 27944 को रखरखाव के लिए दो क्रेनों की मदद से लाइन पर (बोगी सेक्शन में) ले जाया जा रहा था। इसी बीच मुंबई की तरफ एक क्रेन की जंजीर टूट गई और इंजन के एक तरफ का हिस्सा सीधा जमीन पर आ गिरा। इंजन गिरने की आवाज से लोको शेड में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि कोई इंजन की चपेट में नहीं आ सका। अन्यथा किसी भी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता था।
घटना के कारण कर्मचारियों ने काम बंद कर हंगामा शुरू कर दिया। खबर लगने पर वरिष्ठ मंडल अभियंता (विद्युत) मयंक शांडिल्य मौके पर पहुंच गए। उन्होेंने जांच का आश्वासन देकर कर्मचारियों को शांत किया, तब कहीं जाकर वह सब काम पर लौटने को तैयार हुए। करीब डेढ़ घंटे तक शेड में काम बंद रहा। दोपहर 12 बजे इंजन को पटरी पर रख दिया गया।
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क्रेन चल रही हैं खराब
एसी लोको शेड में इंजनों को लाइन ंपर ले जाने के लिए आठ क्रेन मशीन हैं। इनमें अधिकांश खराब चल रही हैं। उनकी मरम्मत की आवश्यकता है। संबंधित सुपरवाइजर कई बार उच्च अधिकारियों को क्रेनों को दुरुस्त कराने के लिए पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, जिस क्रेन की जंजीर टूटी है, वह कुछ महीने पहले ही आई थी।
शेड के पास 207 इंजन
अभी झांसी एसी लोको शेड के पास 207 इलेक्ट्रिक इंजन हैं। इनमें 100 डब्लूएजी 5 और 107 डब्लूएजी 7 क्षमता के हैं। इन इंजनों को इलेक्ट्रिक लाइन पर अलग-अलग स्टेशनों की तरफ ट्रेन और मालगाड़ी में लगाकर भेजा जाता है। यह इंजन ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन से चलते हैं। इन इंजनों के रखरखाव के लिए 621 कर्मचारी हैं, जो तीन शिफ्टों में काम करते हैं। 150 कर्मचारियों की कमी चल रही है। इनकी पूर्ति आउट सोर्स कंपनी से पूरी की जा रही है। यहां प्रतिदिन तीन से पांच इंजनों का माइनर शिड्यूल मेंटेनेंस किया जाता है। एक इंजन का मेंटेनेंस करने में 15 से 20 कर्मचारी लगते हैं।
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पुलिया नंबर नौ के नजदीक स्थित एसी लोको शेड में इलेक्ट्रिक इंजनों का रखरखाव होता है। मंगलवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे इंजन नंबर 27944 को रखरखाव के लिए दो क्रेनों की मदद से लाइन पर (बोगी सेक्शन में) ले जाया जा रहा था। इसी बीच मुंबई की तरफ एक क्रेन की जंजीर टूट गई और इंजन के एक तरफ का हिस्सा सीधा जमीन पर आ गिरा। इंजन गिरने की आवाज से लोको शेड में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि कोई इंजन की चपेट में नहीं आ सका। अन्यथा किसी भी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता था।
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घटना के कारण कर्मचारियों ने काम बंद कर हंगामा शुरू कर दिया। खबर लगने पर वरिष्ठ मंडल अभियंता (विद्युत) मयंक शांडिल्य मौके पर पहुंच गए। उन्होेंने जांच का आश्वासन देकर कर्मचारियों को शांत किया, तब कहीं जाकर वह सब काम पर लौटने को तैयार हुए। करीब डेढ़ घंटे तक शेड में काम बंद रहा। दोपहर 12 बजे इंजन को पटरी पर रख दिया गया।
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क्रेन चल रही हैं खराब
एसी लोको शेड में इंजनों को लाइन ंपर ले जाने के लिए आठ क्रेन मशीन हैं। इनमें अधिकांश खराब चल रही हैं। उनकी मरम्मत की आवश्यकता है। संबंधित सुपरवाइजर कई बार उच्च अधिकारियों को क्रेनों को दुरुस्त कराने के लिए पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, जिस क्रेन की जंजीर टूटी है, वह कुछ महीने पहले ही आई थी।
शेड के पास 207 इंजन
अभी झांसी एसी लोको शेड के पास 207 इलेक्ट्रिक इंजन हैं। इनमें 100 डब्लूएजी 5 और 107 डब्लूएजी 7 क्षमता के हैं। इन इंजनों को इलेक्ट्रिक लाइन पर अलग-अलग स्टेशनों की तरफ ट्रेन और मालगाड़ी में लगाकर भेजा जाता है। यह इंजन ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन से चलते हैं। इन इंजनों के रखरखाव के लिए 621 कर्मचारी हैं, जो तीन शिफ्टों में काम करते हैं। 150 कर्मचारियों की कमी चल रही है। इनकी पूर्ति आउट सोर्स कंपनी से पूरी की जा रही है। यहां प्रतिदिन तीन से पांच इंजनों का माइनर शिड्यूल मेंटेनेंस किया जाता है। एक इंजन का मेंटेनेंस करने में 15 से 20 कर्मचारी लगते हैं।