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मानव शरीर रचना विज्ञान में रुचि तो चुनें फोरेंसिक साइंस
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झांसी। यदि आप मानव शरीर रचना विज्ञान और फोरेंसिक अध्ययन में रुचि रखते हैं, तो फोरेंसिक साइंस में कॅरियर आपके लिए सबसे अच्छा है। ये एक ऐसा विषय है, जो हममें से अधिकांश को आकर्षित करता है। यह विज्ञान और आपराधिक न्याय का प्रमुख अध्ययन है। ऐसे में छात्र-छात्राएं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से फोरेंसिक साइंस की डिग्री लेकर कॅरियर बना सकते हैं।
फोरेंसिक विज्ञान तकनीशियनों के पास आपराधिक जांच से संबंधित भौतिक साक्ष्य एकत्र करने, पहचानने, वर्गीकृत करने और विश्लेषण करने जैसे कौशल होने चाहिए। फोरेंसिक विज्ञान आपराधिक जांच और कानूनी समस्याओं के लिए वैज्ञानिक ज्ञान और कार्यप्रणाली का अनुप्रयोग है। ये एक बहु-विषयक विषय है, जिसमें विज्ञान के क्षेत्रों जैसे कि रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भौतिकी, भूविज्ञान, मनोविज्ञान, सामाजिक विज्ञान, इंजीनियरिंग आदि शामिल हैं। फोरेंसिक साइंस अनिवार्य रूप से एक अपराध प्रयोगशाला आधारित पेशा है। ये एक अपराध में हुई घटनाओं को दर्शाते हुए सटीक और उद्देश्यपूर्ण जानकारी प्रदान करने के लिए वैज्ञानिक तकनीक का अनुप्रयोग है। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की फोरेंसिक साइंस विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनु सिंगला ने बताया कि फोरेंसिक साइंस का उपयोग दुनिया भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा, कानूनों और नियमों को लागू करने और नागरिक विवादों को हल करने के लिए किया जाता है। ये विज्ञान अपराध को निष्कर्ष देने के लिए कई वैज्ञानिक और गणितीय तकनीकों का उपयोग करता है। फोरेंसिक वैज्ञानिक स्थानीय, राज्य और सरकारी स्तरों के लिए काम करते हैं। यह कॅरियर उत्कृष्ट संचार कौशल वाले लोगों के लिए है, जो सूक्ष्म विवरण नोटिस करने की क्षमता रखते हैं।
इंटरमीडिएट पास के लिए कोर्स
कोर्स का नाम: बीएससी ऑनर्स फॉरेंसिक साइंस
योग्यता: 50 फीसदी से विभान संकाय से इंटर
चयन प्रक्रिया: सीधे प्रवेश
अवधि: तीन साल
सीट: 120
फीस: 29,200
स्नातक पास के लिए कोर्स
कोर्स का नाम: एमएससी फॉरेंसिक साइंस
योग्यता: 50 फीसदी से बीएससी (बायो/मैथ)
चयन प्रक्रिया: प्रवेश परीक्षा
अवधि: दो साल
सीट: 40
फीस: 58700
कोर्स का नाम: पीजी डिप्लोमा इन फोरेंसिक साइंस
योग्यता: 45 फीसदी से बीएससी (ऑनर्स, केमिस्टी, बायोकेमिस्टी आदि), बीए
चयन प्रक्रिया: सीधे प्रवेश
अवधि: एक साल
सीट: 40
फीस: 18,200
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फोरेंसिक विज्ञान तकनीशियनों के पास आपराधिक जांच से संबंधित भौतिक साक्ष्य एकत्र करने, पहचानने, वर्गीकृत करने और विश्लेषण करने जैसे कौशल होने चाहिए। फोरेंसिक विज्ञान आपराधिक जांच और कानूनी समस्याओं के लिए वैज्ञानिक ज्ञान और कार्यप्रणाली का अनुप्रयोग है। ये एक बहु-विषयक विषय है, जिसमें विज्ञान के क्षेत्रों जैसे कि रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भौतिकी, भूविज्ञान, मनोविज्ञान, सामाजिक विज्ञान, इंजीनियरिंग आदि शामिल हैं। फोरेंसिक साइंस अनिवार्य रूप से एक अपराध प्रयोगशाला आधारित पेशा है। ये एक अपराध में हुई घटनाओं को दर्शाते हुए सटीक और उद्देश्यपूर्ण जानकारी प्रदान करने के लिए वैज्ञानिक तकनीक का अनुप्रयोग है। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की फोरेंसिक साइंस विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनु सिंगला ने बताया कि फोरेंसिक साइंस का उपयोग दुनिया भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा, कानूनों और नियमों को लागू करने और नागरिक विवादों को हल करने के लिए किया जाता है। ये विज्ञान अपराध को निष्कर्ष देने के लिए कई वैज्ञानिक और गणितीय तकनीकों का उपयोग करता है। फोरेंसिक वैज्ञानिक स्थानीय, राज्य और सरकारी स्तरों के लिए काम करते हैं। यह कॅरियर उत्कृष्ट संचार कौशल वाले लोगों के लिए है, जो सूक्ष्म विवरण नोटिस करने की क्षमता रखते हैं।
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इंटरमीडिएट पास के लिए कोर्स
कोर्स का नाम: बीएससी ऑनर्स फॉरेंसिक साइंस
योग्यता: 50 फीसदी से विभान संकाय से इंटर
चयन प्रक्रिया: सीधे प्रवेश
अवधि: तीन साल
सीट: 120
फीस: 29,200
स्नातक पास के लिए कोर्स
कोर्स का नाम: एमएससी फॉरेंसिक साइंस
योग्यता: 50 फीसदी से बीएससी (बायो/मैथ)
चयन प्रक्रिया: प्रवेश परीक्षा
अवधि: दो साल
सीट: 40
फीस: 58700
कोर्स का नाम: पीजी डिप्लोमा इन फोरेंसिक साइंस
योग्यता: 45 फीसदी से बीएससी (ऑनर्स, केमिस्टी, बायोकेमिस्टी आदि), बीए
चयन प्रक्रिया: सीधे प्रवेश
अवधि: एक साल
सीट: 40
फीस: 18,200