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Jhansi News: तकनीक में नवाचार को बढ़ावा देने से खाद्यान्न में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय और प्रगत संगणन विकास केंद्र (सी-डैक) कोलकाता के तत्वावधान में शासकीय कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए 5 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। विवि के अधिष्ठाता कृषि डॉ. आरके सिंह ने कहा कि तकनीक में नवाचारों को बढ़ावा देने से ही देश में खाद्यान्न रिकॉर्ड उत्पादन संभव हो पाया है। हम सभी को देश के डिजिटल मिशन के साथ जुड़ना होगा। सी-डैक के संयुक्त निदेशक डॉ. एके जाना ने देश को डिजिटल मिशन में सशक्त करने के केंद्र के प्रयासों के बारे में बताया। अधिष्ठाता उद्यानिकी एवं वानिकी डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने कृषि बागवानी व वानिकी में डिजिटल नवाचारों की चर्चा की। कार्यक्रम 29 अगस्त तक चलेगा। इसमें विषय विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण सत्र होंगे। इसमें बीकेडी, बीबीसी, बीयू, पॉलिटेक्निक, आयुर्वेदिक कॉलेज, ग्रासलैंड समेत 100 से अधिक वैज्ञानिकों और शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। संचालन डॉ. प्रियंका शर्मा ने किया। इस दौरान डॉ. तनुज मिश्रा, डॉ. एमजे डोबरियाल, डॉ. एसके चतुर्वेदी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. एसएस कुशवाह, डॉ. घनश्याम, डॉ. पवन कुमार मौजूद रहे।
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झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय और प्रगत संगणन विकास केंद्र (सी-डैक) कोलकाता के तत्वावधान में शासकीय कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए 5 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। विवि के अधिष्ठाता कृषि डॉ. आरके सिंह ने कहा कि तकनीक में नवाचारों को बढ़ावा देने से ही देश में खाद्यान्न रिकॉर्ड उत्पादन संभव हो पाया है। हम सभी को देश के डिजिटल मिशन के साथ जुड़ना होगा। सी-डैक के संयुक्त निदेशक डॉ. एके जाना ने देश को डिजिटल मिशन में सशक्त करने के केंद्र के प्रयासों के बारे में बताया। अधिष्ठाता उद्यानिकी एवं वानिकी डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने कृषि बागवानी व वानिकी में डिजिटल नवाचारों की चर्चा की। कार्यक्रम 29 अगस्त तक चलेगा। इसमें विषय विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण सत्र होंगे। इसमें बीकेडी, बीबीसी, बीयू, पॉलिटेक्निक, आयुर्वेदिक कॉलेज, ग्रासलैंड समेत 100 से अधिक वैज्ञानिकों और शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। संचालन डॉ. प्रियंका शर्मा ने किया। इस दौरान डॉ. तनुज मिश्रा, डॉ. एमजे डोबरियाल, डॉ. एसके चतुर्वेदी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. एसएस कुशवाह, डॉ. घनश्याम, डॉ. पवन कुमार मौजूद रहे।