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अदालतों में लंबित शमनीय दांडिक वादों को करें चिह्नित : एडीजे
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शुक्रवार को न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों की बैठक हुई। जनपद न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अगुवाई में यह बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता नोडल अधिकारी विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को अदालतों में लंबित शमनीय दांडिक वादों को चिह्नित करने के लिए कहा।
एडीजे ने पारिवारिक, वैवाहिक विवादों और भरण-पोषण के मामलों को भी संदर्भित करने का निर्देश दिया। चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा, बेदखली और बंटवारा विवादों को भी मध्यस्थता के लिए भेजना है। दीवानी एवं वाणिज्यिक विवादों को भी चिह्नित कर मध्यस्थता हेतु भेजा जाए। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का सशक्त माध्यम है।
मध्यस्थता से दोनों पक्षों की जीत सुनिश्चित होती है। इससे आपसी कटुता समाप्त होती और समय-धन की बचत होती है। समझौते के विरुद्ध कोई अपील न होने से विवाद का स्थायी समाधान मिलता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ईशा त्रिपाठी ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित मध्यस्थों से वादों का निस्तारण तेज किया जाएगा।
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झांसी। राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शुक्रवार को न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों की बैठक हुई। जनपद न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अगुवाई में यह बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता नोडल अधिकारी विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को अदालतों में लंबित शमनीय दांडिक वादों को चिह्नित करने के लिए कहा।
एडीजे ने पारिवारिक, वैवाहिक विवादों और भरण-पोषण के मामलों को भी संदर्भित करने का निर्देश दिया। चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा, बेदखली और बंटवारा विवादों को भी मध्यस्थता के लिए भेजना है। दीवानी एवं वाणिज्यिक विवादों को भी चिह्नित कर मध्यस्थता हेतु भेजा जाए। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का सशक्त माध्यम है।
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मध्यस्थता से दोनों पक्षों की जीत सुनिश्चित होती है। इससे आपसी कटुता समाप्त होती और समय-धन की बचत होती है। समझौते के विरुद्ध कोई अपील न होने से विवाद का स्थायी समाधान मिलता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ईशा त्रिपाठी ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित मध्यस्थों से वादों का निस्तारण तेज किया जाएगा।
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