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मानवता शर्मसार : जलती चिता से ले गए खोपड़ी, तीन युवक नामजद
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झांसी/टोड़ी फतेहपुर। थाना टोड़ी फतेहपुर के बिजौरा गांव में मानवता को शर्मसार करते हुए जलती चिता से खोपड़ी चुरा ले जाने का मामला सामने आया है। शव के अंतिम संस्कार के दूसरे दिन परिजनों को इसका पता चला।
यह पता चलने पर परिजन भी स्तब्ध रह गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने भी आसपास के लोगो से पहुंचकर पूछताछ की। बुधवार को परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही तीन युवकों के खिलाफ शव के अपमान एवं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में नामजद प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस इसकी पीछे की वजह की जांच कर रही है।
बिजौरा गांव निवासी गोविंददास (76) की 17 अक्तूबर को बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। परिजनों ने उसी दिन दोपहर में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। दूसरे दिन गांव के अरुण ने गोविंददास की पत्नी रति अहिरवार को बताया कि जलती चिता से गांव के अनुज श्रीवास, छोटू रायकवार एवं बृजेंद्र अहिरवार ने अधजली खोपड़ी उठा ले गए थे। यह सुनकर परिवार के लोग भी पहुंच गए।
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रति अहिरवार के मुताबिक चिता में गोविंद दास की खोपड़ी के अंश नहीं मिले। परिजन यह देखकर बिफर उठे। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस को भी सूचना देकर बुला लिया। अजीबो-गरीब मामला सुनकर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान रति ने बताया कि परिवार में बेटियां एवं दामाद हैं। सभी बेटियां अपने ससुराल में रहती हैं। यहां उनकी किसी से रंजिश भी नहीं है। ऐसे में खोपड़ी चुरा ले जाने की वजह वह भी नहीं बता सकीं।
पुलिस के मुताबिक छानबीन में मालूम चला कि छोटू रायकवार का व्यवहार सामान्य नहीं रहता। गांव में अक्सर उसका विवाद होता है। उसके कहने पर ही तीनों ने चिता से खोपड़ी गायब की। थानाध्यक्ष पवन जायसवाल के मुताबिक तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके इसके पीछे वजह की जांच कराई जा रही है।
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यह पता चलने पर परिजन भी स्तब्ध रह गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने भी आसपास के लोगो से पहुंचकर पूछताछ की। बुधवार को परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही तीन युवकों के खिलाफ शव के अपमान एवं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में नामजद प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस इसकी पीछे की वजह की जांच कर रही है।
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बिजौरा गांव निवासी गोविंददास (76) की 17 अक्तूबर को बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। परिजनों ने उसी दिन दोपहर में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। दूसरे दिन गांव के अरुण ने गोविंददास की पत्नी रति अहिरवार को बताया कि जलती चिता से गांव के अनुज श्रीवास, छोटू रायकवार एवं बृजेंद्र अहिरवार ने अधजली खोपड़ी उठा ले गए थे। यह सुनकर परिवार के लोग भी पहुंच गए।
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रति अहिरवार के मुताबिक चिता में गोविंद दास की खोपड़ी के अंश नहीं मिले। परिजन यह देखकर बिफर उठे। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस को भी सूचना देकर बुला लिया। अजीबो-गरीब मामला सुनकर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान रति ने बताया कि परिवार में बेटियां एवं दामाद हैं। सभी बेटियां अपने ससुराल में रहती हैं। यहां उनकी किसी से रंजिश भी नहीं है। ऐसे में खोपड़ी चुरा ले जाने की वजह वह भी नहीं बता सकीं।
पुलिस के मुताबिक छानबीन में मालूम चला कि छोटू रायकवार का व्यवहार सामान्य नहीं रहता। गांव में अक्सर उसका विवाद होता है। उसके कहने पर ही तीनों ने चिता से खोपड़ी गायब की। थानाध्यक्ष पवन जायसवाल के मुताबिक तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके इसके पीछे वजह की जांच कराई जा रही है।