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Jhansi News: -एक ही मरीज की जांच रिपोर्ट में भारी अंतर, पैथोलॉजी सेंटर पर कार्रवाई की मांग
Wed, 12 Aug 2026 02:26 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Wed, 12 Aug 2026 02:26 AM IST
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झांसी। एक ही मरीज की जांच रिपोर्ट में भारी अंतर सामने आने पर आईजीआरएस पोर्टल, डीएम और सीएमओ से पैथोलॉजी सेंटर की शिकायत की गई है। साथ ही गलत रिपोर्ट देने वाले सेंटर में इस्तेमाल होने वाली मशीन, जांच की विधि और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
ललितपुर निवासी राजेश कुमार पेशे से शिक्षक हैं। उनका भाई झांसी में रहता है। झांसी के ही एक चिकित्सक से उनका मधुमेह का इलाज चल रहा है। हर छह महीने में वह शरीर में औसत ब्लड शुगर के स्तर को मापने वाली एचबीए1सी जांच भी कराते रहते हैं। उन्होंने बताया कि चार अगस्त को भी वह झांसी आए थे। उन्होंने भाई के कहने पर एक निजी पैथोलॉजी सेंटर से जांच कराने के लिए ब्लड सैंपल दे दिया। सेंटर का कर्मचारी सुबह करीब 11 बजे सैंपल ले गया और शाम को चार बजे उन्हें रिपोर्ट भेज दी। जब उन्होंने रिपोर्ट देखी तो एचबीए1सी का स्तर 9.8 फीसदी मिला। उन्होंने रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाने से पहले अगले दिन पांच अगस्त को एक अन्य निजी पैथोलॉजी लैब से जांच कराई। तब इसका स्तर 7.3 फीसदी आया। फिर सात अगस्त को मेडिकल कॉलेज से जांच कराई तो एचबीए1सी का स्तर 7.4 मिला, जो कि निजी लैब के लगभग बराबर ही है।
राजेश का कहना है कि सबसे पहले उन्होंने जिस पैथोलॉजी सेंटर से जांच कराई, उसने गलत रिपोर्ट दी है। पिछले ढाई साल से नियमित जांच के दौरान उनका एचबीए1सी का स्तर 6.8 से 7.5 प्रतिशत ही आता है। अगर वह 9.8 फीसदी एचबीए1सी स्तर की रिपोर्ट डॉक्टर को दिखा देते तो वह उनकी दवाओं की डोज बढ़ा देते। इससे उनकी सेहत को भी नुकसान पहुंच सकता था। उन्होंने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
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शिकायती पत्र प्राप्त होते ही मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो पैथोलॉजी लैब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. आशीष अग्निहोत्री, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी पंजीकरण।
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ललितपुर निवासी राजेश कुमार पेशे से शिक्षक हैं। उनका भाई झांसी में रहता है। झांसी के ही एक चिकित्सक से उनका मधुमेह का इलाज चल रहा है। हर छह महीने में वह शरीर में औसत ब्लड शुगर के स्तर को मापने वाली एचबीए1सी जांच भी कराते रहते हैं। उन्होंने बताया कि चार अगस्त को भी वह झांसी आए थे। उन्होंने भाई के कहने पर एक निजी पैथोलॉजी सेंटर से जांच कराने के लिए ब्लड सैंपल दे दिया। सेंटर का कर्मचारी सुबह करीब 11 बजे सैंपल ले गया और शाम को चार बजे उन्हें रिपोर्ट भेज दी। जब उन्होंने रिपोर्ट देखी तो एचबीए1सी का स्तर 9.8 फीसदी मिला। उन्होंने रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाने से पहले अगले दिन पांच अगस्त को एक अन्य निजी पैथोलॉजी लैब से जांच कराई। तब इसका स्तर 7.3 फीसदी आया। फिर सात अगस्त को मेडिकल कॉलेज से जांच कराई तो एचबीए1सी का स्तर 7.4 मिला, जो कि निजी लैब के लगभग बराबर ही है।
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राजेश का कहना है कि सबसे पहले उन्होंने जिस पैथोलॉजी सेंटर से जांच कराई, उसने गलत रिपोर्ट दी है। पिछले ढाई साल से नियमित जांच के दौरान उनका एचबीए1सी का स्तर 6.8 से 7.5 प्रतिशत ही आता है। अगर वह 9.8 फीसदी एचबीए1सी स्तर की रिपोर्ट डॉक्टर को दिखा देते तो वह उनकी दवाओं की डोज बढ़ा देते। इससे उनकी सेहत को भी नुकसान पहुंच सकता था। उन्होंने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
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शिकायती पत्र प्राप्त होते ही मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो पैथोलॉजी लैब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. आशीष अग्निहोत्री, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी पंजीकरण।