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कभी झमाझम तो कभी रिमझिम बारिश, बड़ी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:40 AM IST
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rain, jhansi news
- फोटो : demo
कई दिनों से चल रहा बारिश का टोटा नवरात्र के पहले दिन दूर हो गया। दिनभर कभी झमाझम तो कभी रिमझिम बरसात होती रही। इससे एक ओर जहां धरती की प्यास बुझी, दूसरी ओर तापमान लुढ़कने से लोगों को गर्मी से निजात मिली। ललितपुर और आसपास क्षेत्रों में इसी तरह बारिश हुई। इस सीजन की यह दूसरी सबसे ज्यादा होने वाली बरसात है। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश जारी रहने की संभावना है।
बृहस्पतिवार को सुबह तड़के पांच बजे से बारिश होने लगी। इसके बाद लगातार रुक-रुककर पानी गिरता रहा। कभी वर्षा तेज होने लगती, कभी रिमझिम। घने बादल छाए रहने से पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। इससे लोगों को खासी राहत मिली। पिछले कई दिन से लगातार उमस से लोग बेहाल थे। पंखे और कूलर भी राहत नहीं दे पा रहे थे। बुधवार तक जिले का अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास मना हुआ था, वो बृहस्पतिवार को लुढ़ककर 27 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। लगातार बारिश ने वातावरण में ठंडक घोल दी। लोगों को गर्मी और उमस से निजात मिली। मौजूदा सीजन की यह दूसरी सबसे ज्यादा होने वाली बारिश है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को लगभग 35 मिलीमीटर वर्षा हुई है। आगे दो-तीन दिन और पानी बरस सकता है।
बॉक्स..
फसल को बहुत फायदा
लगभग सूख पड़ जाने की वजह से फसल को लेकर अब तक की स्थिति बहुत खराब थी। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि अब मूंगफली की फसल अच्छी हो जाएगी। सूखे की वजह से मूंगफली का दाना कमजोर रह गया था, अब भर जाएगा। वहीं, धान की खेती को लेकर किसान परेशान थे। बारिश से इसको भी फायदा होगा। इसके अलावा सोयाबीन, धान, अरहर आदि खड़ी फसलों को काफी फायदा होगा। इसके अलावा भविष्य में चना, मटर, मशहूर, सरसों, अलसी, जौ, गेहूं आदि की फसल की बुवाई होनी है। बारिश की कमी के कारण जमीन में नमी नहीं थी। अब नमी हो जाने के कारण इन फसलों की भी बुवाई की जा सकेगी।
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बृहस्पतिवार को सुबह तड़के पांच बजे से बारिश होने लगी। इसके बाद लगातार रुक-रुककर पानी गिरता रहा। कभी वर्षा तेज होने लगती, कभी रिमझिम। घने बादल छाए रहने से पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। इससे लोगों को खासी राहत मिली। पिछले कई दिन से लगातार उमस से लोग बेहाल थे। पंखे और कूलर भी राहत नहीं दे पा रहे थे। बुधवार तक जिले का अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास मना हुआ था, वो बृहस्पतिवार को लुढ़ककर 27 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। लगातार बारिश ने वातावरण में ठंडक घोल दी। लोगों को गर्मी और उमस से निजात मिली। मौजूदा सीजन की यह दूसरी सबसे ज्यादा होने वाली बारिश है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को लगभग 35 मिलीमीटर वर्षा हुई है। आगे दो-तीन दिन और पानी बरस सकता है।
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फसल को बहुत फायदा
लगभग सूख पड़ जाने की वजह से फसल को लेकर अब तक की स्थिति बहुत खराब थी। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि अब मूंगफली की फसल अच्छी हो जाएगी। सूखे की वजह से मूंगफली का दाना कमजोर रह गया था, अब भर जाएगा। वहीं, धान की खेती को लेकर किसान परेशान थे। बारिश से इसको भी फायदा होगा। इसके अलावा सोयाबीन, धान, अरहर आदि खड़ी फसलों को काफी फायदा होगा। इसके अलावा भविष्य में चना, मटर, मशहूर, सरसों, अलसी, जौ, गेहूं आदि की फसल की बुवाई होनी है। बारिश की कमी के कारण जमीन में नमी नहीं थी। अब नमी हो जाने के कारण इन फसलों की भी बुवाई की जा सकेगी।
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