{"_id":"686d7e083117c6fca30b7c5b","slug":"fraud-in-igrs-complaint-of-retired-railway-employee-settled-without-hearing-jhansi-news-c-11-1-jhs1032-593596-2025-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईजीआरएस में फर्जीवाड़ा: रिटायर्ड रेलकर्मी की शिकायत बिना सुनवाई निपटाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईजीआरएस में फर्जीवाड़ा: रिटायर्ड रेलकर्मी की शिकायत बिना सुनवाई निपटाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जनसुनवाई समन्वय शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की शिकायतों के फर्जी रिपोर्ट लगाकर निपटाने के मामले सामने आते रहते हैं। ताजा मामला नवाबाद थाने से निस्तारित हुई शिकायत का है। यहां तैनात दरोगा पंकज कुमार ने सेवानिवृत्त रेलकर्मी को बिना थाने बुलाए ही उनकी शिकायत का निपटारा करके उनके नाम पर दूसरे व्यक्ति का फोटो भी अपलोड कर दिया। इसकी जानकारी होने पर सेवानिवृत्त रेलकर्मी ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री सचिवालय में की है।
सीपरी बाजार के लहर की देवी मंदिर के पास रतन सिंह कॉलोनी निवासी कुलभूषण उपाध्याय झांसी रेल मंडल में स्टेशन मास्टर पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने लहर गिर्द के खोड़न में एक प्लाॅट 13 सितंबर 2010 को खरीदा। उनका आरोप है जमीन बेचने वाले ने उनके साथ फर्जीवाड़ा किया। इसकी शिकायत उन्होंने नवाबाद थाने एवं तहसील प्रशासन से की। नवाबाद पुलिस ने आख्या में फर्जीवाड़े की बात मानी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। वर्ष 2011 में उनकी खरीदी जमीन को आरोपी ने दूसरे को बेच दिया। इसके बाद उसने जमीन तीसरे को बेच दी। एक जमीन को तीन बार बेचने की शिकायत पर आरोपी जमुना प्रसाद समेत तीन के खिलाफ वर्ष 2016 में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई लेकिन, पुलिस ने कुलभूषण की जमीन की रजिस्ट्री फर्जी करार देते हुए अंतिम रिपोर्ट लगा दी।
विज्ञापन
कुलभूषण ने आईजीआरएस पर शिकायत (संख्या-60000250128797) दर्ज कराई। छानबीन का जिम्मा किला चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक पंकज कुमार को सौंपा गया। उपनिरीक्षक ने अपनी जांच आख्या में दर्ज किया कि 24 मार्च 2025 को आवेदक थाना पर उपस्थित आया। मौके की फोटो ली गई है। यह फोटो भी उपनिरीक्षक ने अपलोड कर दी, लेकिन कुलभूषण का कहना है कि पुलिस ने उनको बुलाया ही नहीं। पोर्टल पर जो फोटो अपलोड की गई, उसमें भी वह नहीं हैं। उनकी फर्जी फोटो लगाकर फाइनल रिपोर्ट अपलोड कर दी गई।
विज्ञापन
इनसेट
फर्जी निस्तारण पर नप चुके निरीक्षक, दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी
इसी साल अप्रैल में नवाबाद थाने में ही आईजीआरएस शिकायत में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह, विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी अश्वनी दीक्षित समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं। इसके बाद भी नवाबाद थाने में आईजीआरएस निस्तारण के मामले में सुधार नहीं आया। इसकी जांच एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह सौंपी गई है।
इनसेट
शिकायतें निपटाने में झांसी रेंज चौथी बार अव्वल
आईजीआरएस शिकायतों के निपटारे में झांसी रेंज साल में चौथी बार अव्वल रहा। डीआईजी केशव कुमार चौधरी ने बताया कि आईजीआरएस, जनसुनवाई एवं सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायतें जून में नियत समय के भीतर विधिक तौर पर निस्तारित हुईं। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर परिक्षेत्र की रेकिंग में झांसी रेंज एवं जनपद में ललितपुर पूरे प्रदेश में अव्वल रहा। डीआईजी ने प्रभारी आईजीआरएस प्रभारी राजेश सिंह, रेंज कोर्डिनेटर विमल श्रीवास्तव, देवेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रियंका गुप्ता को पुरस्कृत किया।