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Jhansi News: पांच हजार छोड़ चुके परीक्षा, अब कई छात्रों को सताने लगी रिजल्ट की चिंता

Sun, 26 Feb 2023 07:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Feb 2023 07:00 AM IST
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Five thousand have left the exam, now many students are worried about the result
झांसी। झांसी में अब तक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 5002 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा से दूरी बना चुके हैं। परीक्षा के तनाव में ललितपुर के जाखलौन की एक छात्र फांसी लगाकर जान तक दे चुकी है। परीक्षा और रिजल्ट का तनाव व घबराहट कई छात्रों पर इस कदर हावी हो जा रही है कि परिजनों को उन्हें काउंसलिंग के लिए मनोचिकित्सक के पास ले जाना पड़ रहा है।
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पहले बोर्ड परीक्षा का तनाव छात्र-छात्राओं पर हावी था और अब रिजल्ट की चिंता उन्हें सताने लगी है। कई छात्र-छात्राएं पेपर खराब होने के डर से परीक्षा छोड़ दे रहे हैं। वहीं, कई विद्यार्थी ऐसे हैं, जो एक पेपर खराब हो जाने पर आगे की परीक्षाओं को लेकर हताश हो जा रहे हैं। जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन ने बताया कि परीक्षा के दौरान ऐसे कई केस उनके पास आ रहे हैं। काउंसलिंग के दौरान उन्होंने पाया कि ज्यादातर बच्चे परिजनों की उम्मीदों पर खरे न उतर पाने की आशंका से निराशा में डूब जा रहे हैं। जब किसी विद्यार्थी के परिजन उससे बहुत अच्छा करने की उम्मीद करते हैं, तो छात्र पर हर परीक्षा में बहुत अच्छा करने का दबाव होता है। फिर अगर एक भी पेपर उसका खराब हो जाता है, तो वह अच्छे परिणाम की उम्मीद ही छोड़ देता है। मनोचिकित्सक डॉ. अर्जित गौरव ने बताया कि अगर किसी छात्र का पेपर खराब जाए तो परिजनों को डांटने या गुस्सा होने के बजाए, अगले पेपर के लिए बच्चे का हौसला बढ़ाना चाहिए।
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मनोचिकित्सकों ने दिए ये टिप्स
- कई छात्रों का कोई न कोई पेपर बहुत अच्छा नहीं होता, इसलिए तनाव न लें
- एक पेपर खराब हो जाए तो उसे भूलकर आगे की परीक्षाओं पर फोकस करें
- कई विषयों में प्रैक्टिकल के अंक मिलते हैं, उससे भी रिजल्ट सुधर सकता
- परीक्षा के दौरान छात्र किसी भी तरह के नकारात्मक विचार मन में न लाएं
- परिजन छात्रों पर परीक्षा को लेकर दबाव न बनाएं, हमेशा प्रोत्साहित करें
इतने छात्र छोड़ चुके परीक्षा
हाईस्कूल इंटरमीडिएट
3072 1930
केस-1
एक पेपर खराब हुआ, अब लगता आगे के भी अच्छे नहीं होंगे
मैं हमेशा प्रथम श्रेणी में पास होता आया हूं। 12वीं की परीक्षा के दौरान एक पेपर में मैं बहुत अच्छा लिख नहीं पाया। अब लगने लगा है कि आगे के पेपर भी अच्छे नहीं होंगे। मनोचिकित्सक के पास काउंसलिंग कराने पहुंचे एक छात्र ने कुछ यूं अपनी आपबीती बताई। इस पर छात्र से डॉक्टर ने खराब हुए पेपर के बारे में न सोचकर आगे की परीक्षाओं पर फोकस करने के लिए कहा।
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केस-2
मां बोली-मैं तो पहले से ही कह रही थी कि फेल हो जाओगे
हाईस्कूल के एक छात्र का गणित का पेपर खराब हो गया। छात्र को लगने लगा कि वो पेपर में कहीं फेल न हो जाए। घर पहुंचने पर जब छात्र ने अपनी मां को ये बात बताई तो वो कहने लगीं कि मैं तो पहले से ही कह रही थी कि तुम फेल हो जाओगे। इससे छात्र तनाव में आ गया। आगे पेपर न देने की बात कहने लगा। तब परिजन उसे मनोचिकित्सक के पास लेकर आए।
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