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Jhansi News: छह वर्ष से किसानों को नहीं मिला मुआवजा
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मऊरानीपुर। लखेरी बांध के डूब क्षेत्र में आए ग्राम बचेरा, बुढ़ाई, रेवन, किशोरपुरा, गढ़वां के 250 किसानों को मुआवजा नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। किसानों ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर सिचांई विभाग से मुआवजा दिलाने की मांग की।
लखेरी बांध के निर्माण के लिए 2006 में किसानों की जमीन अधिगृहित की गई थी। जिसका उद्घाटन बसपा सरकार के दौरान 2011 में बसपा सरकार के मंत्री भगवती सागर द्वारा किया गया था। जिसमें लगभग 300 किसानों को मुआवजा मिल चुका है। लेकिन 250 किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। किसान पर्वत सिंह पाल, राजेंद्र कुमार, सरमनलाल, रामेश्वर प्रसाद, संदीप कुशवाहा, गोरेलाल, धर्मदास, लोकेंद्र, गनेश सहित अनेक किसानों ने उपजिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया 2018 के पूर्व हमारी जमीनें लखेरी बांध के भराव में डूबती नहीं थी। 2018 के बाद बांध का भराव अधिक करने से हमारी जमीने बांध के भराव में डूबने लगीं। जिससे हम अपनी जमीनों में उपज पैदा नहीं कर पा रहे। सिंचाई विभाग द्वारा हम किसानों को अभी तक कोई भी मुआवजा नहीं मिला। उक्त किसानों ने बताया पूर्व में 300 किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। लेकिन 250 किसान मुआवजा से वंचित है। उक्त किसानों ने सिंचाई विभाग से मुआवजा दिलाने की मांग की।
इस मामले में अधिशासी अभियंता सिंचाई पंचम नितिन कुमार ने बताया उक्त मामले को लेकर किसानों के प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं। जिनका सर्व कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन
पर्वत सिंह पाल निवासी रेवन ने बताया कि 250 किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला।
राजेंद्र कुमार निवासी रेवन ने बताया 2018 से हमारी जमीन डूब क्षेत्र में है। लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला।
सरमनलाल निवासी रेवन ने बताया हमारी एक एकड़ 40 डिसमल जमीन डूब गई है। लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।
रामेश्वर प्रसाद निवासी रेवन ने बताया छह वर्ष से 50 डिसमिल जमीन बांध के भराव में डूबी है। लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।
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लखेरी बांध के निर्माण के लिए 2006 में किसानों की जमीन अधिगृहित की गई थी। जिसका उद्घाटन बसपा सरकार के दौरान 2011 में बसपा सरकार के मंत्री भगवती सागर द्वारा किया गया था। जिसमें लगभग 300 किसानों को मुआवजा मिल चुका है। लेकिन 250 किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। किसान पर्वत सिंह पाल, राजेंद्र कुमार, सरमनलाल, रामेश्वर प्रसाद, संदीप कुशवाहा, गोरेलाल, धर्मदास, लोकेंद्र, गनेश सहित अनेक किसानों ने उपजिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया 2018 के पूर्व हमारी जमीनें लखेरी बांध के भराव में डूबती नहीं थी। 2018 के बाद बांध का भराव अधिक करने से हमारी जमीने बांध के भराव में डूबने लगीं। जिससे हम अपनी जमीनों में उपज पैदा नहीं कर पा रहे। सिंचाई विभाग द्वारा हम किसानों को अभी तक कोई भी मुआवजा नहीं मिला। उक्त किसानों ने बताया पूर्व में 300 किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। लेकिन 250 किसान मुआवजा से वंचित है। उक्त किसानों ने सिंचाई विभाग से मुआवजा दिलाने की मांग की।
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इस मामले में अधिशासी अभियंता सिंचाई पंचम नितिन कुमार ने बताया उक्त मामले को लेकर किसानों के प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं। जिनका सर्व कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
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पर्वत सिंह पाल निवासी रेवन ने बताया कि 250 किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला।
राजेंद्र कुमार निवासी रेवन ने बताया 2018 से हमारी जमीन डूब क्षेत्र में है। लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला।
सरमनलाल निवासी रेवन ने बताया हमारी एक एकड़ 40 डिसमल जमीन डूब गई है। लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।
रामेश्वर प्रसाद निवासी रेवन ने बताया छह वर्ष से 50 डिसमिल जमीन बांध के भराव में डूबी है। लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।