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भोजला गल्ला मंडी में लगेगा धर्मकांटा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 May 2017 01:49 AM IST
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mandi
- फोटो : demo
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ग्वालियर रोड पर गेहूं से भरे ट्रकों की कतार और दिन भर जाम लगने के हालातों से निपटने के लिए भोजला गल्ला मंडी में जल्द धर्मकांटा लगाया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने निर्देश दे दिए हैं। वहीं, गल्ला मंडियों में गेहूं की आवक कम होने का नाम नहीं ले रही है। चिरगांव मंडी में अभी भी 70 किसान गेहूं बेचने के लिए टोकन लिए हुए हैं।
इस वर्ष अभी तक 85 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। अभी 18 दिन खरीद और होगी। गेहूं खरीद क्रेंद्रों पर किसानों की कतार लग रही है। उन्हें बारी- बारी से बुलाया जा रहा है। चिरगांव में 70 किसानों के पास टोकन हैं। एक दिन में दस से बारह किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा है। एफसीआई का गोदाम फुल हो गया है। गेहूं भंडारण की दिक्कत न हो, इसलिए एक रैक गेहूं (43 हजार बोरा) वाराणसी भेज दिया गया है। शासन से एक और रैक भेजने की अनुमति मांगी गई है। एफसीआई के अलावा डगरवाहा गोदाम में 30 हजार मीट्रिक टन, पारीछा गोदाम में 10 हजार मीट्रिक टन, मऊरानीपुर गोदाम में 08 हजार मीट्रिक टन गेहूं का स्टाक फुल हो चुका है। अब गुरसराय मंडी में चबूतरों पर गेहूं रखने की योजना है। गेहूं भंडारण में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसलिए प्रदेश सरकार ने राशन का गेहूं एडवांस में उठाने की अनुमति दे दी है। भोजला मंडी में गेहूं का स्टोर हो रहा है। लेकिन, धर्मकांटा नहीं होने के कारण ग्वालियर रोड पुलिस चौकी के सामने जाम लग रहा है। समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी ने मंडी में धर्मकांटा लगवाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन औपचारिकताएं पूरी करने में इस साल गेहूं खरीद का सीजन तो पूरा हो ही जाएगा।
अब तक 180 करोड़ का भुगतान
गेहूं खरीद 1,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हो रही है। इसके लिए अब तक 180 रुपये का भुगतान एजेंसियों को कर दिया गया है।
गेहूं खरीद में कोई कमी नहीं
अभी गेहूं की खरीद में किसी तरह की कमी नहीं आई है। किसानों को आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। बिचौलिए समाप्त हो गए हैं और सरकार की सख्ती का असर है कि किसान गल्ला मंडियों में गेहूं बेचने आ रहे हैं।
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- अखिलेश्वर ओझा
क्षेत्र प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम
बाजार में भी गेहूं खरीद इसी रेट पर
आढ़तियों को उम्मीद थी कि इस बार गेहूं की पैदावार बहुत अधिक हुई है, इसलिए सस्ती दरों पर ज्यादा स्टाक कर लेंगे, लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं हुई। एक तो उनके यहां कोई किसान नहीं जा रहा है। यदि कोई जा भी रहा है तो सरकारी दर से कम पर गेहूं बेचने को तैयार नहीं है।
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इस वर्ष अभी तक 85 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। अभी 18 दिन खरीद और होगी। गेहूं खरीद क्रेंद्रों पर किसानों की कतार लग रही है। उन्हें बारी- बारी से बुलाया जा रहा है। चिरगांव में 70 किसानों के पास टोकन हैं। एक दिन में दस से बारह किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा है। एफसीआई का गोदाम फुल हो गया है। गेहूं भंडारण की दिक्कत न हो, इसलिए एक रैक गेहूं (43 हजार बोरा) वाराणसी भेज दिया गया है। शासन से एक और रैक भेजने की अनुमति मांगी गई है। एफसीआई के अलावा डगरवाहा गोदाम में 30 हजार मीट्रिक टन, पारीछा गोदाम में 10 हजार मीट्रिक टन, मऊरानीपुर गोदाम में 08 हजार मीट्रिक टन गेहूं का स्टाक फुल हो चुका है। अब गुरसराय मंडी में चबूतरों पर गेहूं रखने की योजना है। गेहूं भंडारण में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसलिए प्रदेश सरकार ने राशन का गेहूं एडवांस में उठाने की अनुमति दे दी है। भोजला मंडी में गेहूं का स्टोर हो रहा है। लेकिन, धर्मकांटा नहीं होने के कारण ग्वालियर रोड पुलिस चौकी के सामने जाम लग रहा है। समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी ने मंडी में धर्मकांटा लगवाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन औपचारिकताएं पूरी करने में इस साल गेहूं खरीद का सीजन तो पूरा हो ही जाएगा।
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अब तक 180 करोड़ का भुगतान
गेहूं खरीद 1,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हो रही है। इसके लिए अब तक 180 रुपये का भुगतान एजेंसियों को कर दिया गया है।
गेहूं खरीद में कोई कमी नहीं
अभी गेहूं की खरीद में किसी तरह की कमी नहीं आई है। किसानों को आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। बिचौलिए समाप्त हो गए हैं और सरकार की सख्ती का असर है कि किसान गल्ला मंडियों में गेहूं बेचने आ रहे हैं।
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- अखिलेश्वर ओझा
क्षेत्र प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम
बाजार में भी गेहूं खरीद इसी रेट पर
आढ़तियों को उम्मीद थी कि इस बार गेहूं की पैदावार बहुत अधिक हुई है, इसलिए सस्ती दरों पर ज्यादा स्टाक कर लेंगे, लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं हुई। एक तो उनके यहां कोई किसान नहीं जा रहा है। यदि कोई जा भी रहा है तो सरकारी दर से कम पर गेहूं बेचने को तैयार नहीं है।