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Jhansi News: कुएं में गिरकर मरने वाले किसान के आश्रित को मिलेंगे तीन लाख रुपये
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स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को क्लेम देने का दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कुएं में गिरने से हुई किसान की मौत के मामले में स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को मय ब्याज के क्लेम की राशि अदा करने का आदेश दिया है।
15 दिसंबर 2018 को मोंठ तहसील के बड़ेरा गांव निवासी प्रवेश देवी ने स्थायी लोक अदालत में अधिवक्ता के माध्यम से याचिका लगाई थी। उल्लेख किया था कि गांव के कुएं में गिरने से पति चरण सिंह की मौत हो गई थी। अंधेरा होने के कारण यह घटना हुई थी। चरण सिंह का ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ने सीएम किसान सर्व हित बीमा योजना के तहत बीमा किया था। इस मामले में बीमा कंपनी और प्रदेश सरकार को पार्टी बनाया गया था। प्रवेश देवी ने मांग की थी कि उसे क्लेम के रूप में 18 फीसदी ब्याज के साथ 5 लाख रुपये दिए जाएं। मानसिक कष्ट के रूप में दो लाख और वाद व्यय भी दिया जाए। जबकि बीमा कंपनी का तर्क था कि किसान चरण सिंह शराब के नशे में था, इसलिए वह कुएं में गिर गया। मामले के अध्ययन के बाद स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विजयकृष्ण सिंह और सदस्य डॉ. कपिल नाथ शृंगीऋषि ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी महिला को याचिका लगाने से लेकर भुगतान की तिथि तक 8 फीसदी ब्याज के साथ तीन लाख रुपये अदा करे। साथ ही वाद व्यय के रूप में 8000 रुपये का भुगतान करे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कुएं में गिरने से हुई किसान की मौत के मामले में स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को मय ब्याज के क्लेम की राशि अदा करने का आदेश दिया है।
15 दिसंबर 2018 को मोंठ तहसील के बड़ेरा गांव निवासी प्रवेश देवी ने स्थायी लोक अदालत में अधिवक्ता के माध्यम से याचिका लगाई थी। उल्लेख किया था कि गांव के कुएं में गिरने से पति चरण सिंह की मौत हो गई थी। अंधेरा होने के कारण यह घटना हुई थी। चरण सिंह का ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ने सीएम किसान सर्व हित बीमा योजना के तहत बीमा किया था। इस मामले में बीमा कंपनी और प्रदेश सरकार को पार्टी बनाया गया था। प्रवेश देवी ने मांग की थी कि उसे क्लेम के रूप में 18 फीसदी ब्याज के साथ 5 लाख रुपये दिए जाएं। मानसिक कष्ट के रूप में दो लाख और वाद व्यय भी दिया जाए। जबकि बीमा कंपनी का तर्क था कि किसान चरण सिंह शराब के नशे में था, इसलिए वह कुएं में गिर गया। मामले के अध्ययन के बाद स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विजयकृष्ण सिंह और सदस्य डॉ. कपिल नाथ शृंगीऋषि ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी महिला को याचिका लगाने से लेकर भुगतान की तिथि तक 8 फीसदी ब्याज के साथ तीन लाख रुपये अदा करे। साथ ही वाद व्यय के रूप में 8000 रुपये का भुगतान करे।